वाराणसी : भोर में गरजा आसमान, तड़की बिजली, कांपा पूर्वांचल, झमाझम बारिश से भीगा शहर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 29 मई 2026

वाराणसी : भोर में गरजा आसमान, तड़की बिजली, कांपा पूर्वांचल, झमाझम बारिश से भीगा शहर

  • आंधी-बारिश ने बदला मौसम, कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिजली गुल, कई जिलों में हादसे

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वाराणसी (सुरेश गांधी)। शुक्रवार की भोर पूर्वांचल के लिए मौसम का सबसे उग्र चेहरा लेकर आई। रात करीब चार बजे से शुरू हुई बादाबादी ने 4:22 बजे के बाद अचानक विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं, कड़कती बिजली और झमाझम बारिश ने वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल को भिगो दिया। आसमान में लगातार हो रही बिजली की तेज तड़तड़ाहट से लोग सहम उठे। कई जिलों में लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो बिजली घरों के बेहद करीब गिर रही हो। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे झुक गए और कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। भोर की बारिश ने जहां तपती गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगह दुर्घटनाओं और अव्यवस्था का कारण भी बनी। भीषण उमस और तपिश से बेहाल लोगों को शुक्रवार की भोर आखिर राहत मिल ही गई। रात गहराने के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी, लेकिन असली बदलाव भोर चार बजे के आसपास देखने को मिला, जब आसमान में बादलों की तेज आवाजाही शुरू हुई। देखते ही देखते 4 बजकर 22 मिनट पर तेज हवाओं के साथ ऐसी झमाझम बारिश शुरू हुई कि पूरा शहर पानी-पानी हो गया। आसमान में बिजली की लगातार तड़तड़ाहट ने लोगों को दहला दिया। कई इलाकों में ऐसा महसूस हुआ मानो छत के ऊपर ही बिजली गिर रही हो। गर्जना इतनी तेज थी कि लोग नींद से घबराकर उठ बैठे। खिड़कियां कांपने लगीं और तेज हवाओं के थपेड़ों के बीच बारिश ने लगभग दो घंटे तक शहर को भिगोए रखा। सुबह छह बजे तक रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही।


वाराणसी : जलभराव से थमी रफ्तार, कई इलाकों में बिजली बाधित

काशी में सुबह चार बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश करीब छह बजे तक रुक-रुक कर होती रही। लंका, भेलूपुर, इंग्लिशिया लाइन, चौकाघाट, मंडुवाडीह, महमूरगंज और कैंट क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई। कई मोहल्लों में बिजली गुल होने से लोग परेशान रहे। पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे सुबह यातायात भी प्रभावित हुआ। गंगा किनारे तेज हवाओं के चलते नाविकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।


जौनपुर : आंधी में गिरे पेड़, बाल-बाल बचे लोग

जौनपुर में तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर पड़े। शाहगंज और बदलापुर क्षेत्र में कुछ देर के लिए आवागमन बाधित रहा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की टीनशेड उड़ने की भी खबरें सामने आई हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया।


गाजीपुर : बिजली गिरने से मवेशियों की मौत

गाजीपुर जिले में भोर की बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। सैदपुर और जमानियां क्षेत्र में खेतों के पास बिजली गिरने से कुछ मवेशियों की मौत की सूचना मिली। तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे धान की नर्सरी तैयार कर रहे किसानों को राहत मिली है।


चंदौली : हाईवे पर फिसले वाहन, लंबा जाम

चंदौली में तेज बारिश के कारण नेशनल हाईवे पर फिसलन बढ़ गई। मुगलसराय और सकलडीहा क्षेत्र में कुछ छोटे वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गए, हालांकि बड़ा हादसा टल गया। बारिश और जलभराव के कारण सुबह कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार टूटने से सप्लाई बाधित हुई।


मिर्जापुर-सोनभद्र : तेज गर्जना से दहशत

मिर्जापुर और सोनभद्र में तेज गर्जना और बिजली चमकने से लोग सहम उठे। पहाड़ी क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार अधिक होने के कारण कई पेड़ों की डालियां टूट गईं। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ मोबाइल नेटवर्क पर भी असर पड़ा। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।


बलिया और आजमगढ़ : किसानों के चेहरे खिले

बलिया, मऊ और आजमगढ़ में भोर की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों ने इसे “संजीवनी बारिश” बताया। हालांकि कई कस्बों में जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण बाजारों में पानी भर गया।


मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वांचल के कई जिलों में अगले 24 घंटे तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।


राहत भी, आफत भी

भोर की यह बारिश पूर्वांचल के लिए दो तस्वीरें लेकर आई—एक ओर तपती गर्मी और उमस से राहत, तो दूसरी ओर जलभराव, बिजली संकट और हादसों की चिंता। लेकिन इतना तय है कि शुक्रवार की सुबह पूर्वांचल ने मौसम का वह रौद्र रूप देखा, जिसकी गूंज लोगों को लंबे समय तक याद रहेगी।

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