पटना : निशांत की यात्रा बिहार का रोडमैप कम, विरासत बचाने की यात्रा ज्यादा : किशोर कुमार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 6 मई 2026

पटना : निशांत की यात्रा बिहार का रोडमैप कम, विरासत बचाने की यात्रा ज्यादा : किशोर कुमार

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पटना (संवाददाता)।  जन सुराज पार्टी कार्यालय पाटलीपुत्र में रविवार को प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान जन सुराज के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में हुई पांडव की निर्मम हत्या के बाद न्याय दिलाने की मांग करने के साथ निशांत कुमार के सद्भाव यात्रा सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की। पार्टी के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि ये महज विरासत को बचाने, जेडीयू कैसे पार्टी बनी रहे उसके लिए निकले हैं। बीजेपी जेडीयू को समाप्त करना चाहती है, नीतीश कुमार की पार्टी के साथ मिलकर ही ये करना चाहती है। बीते 20 वर्षों में नीतीश जी के लिए 2 दर्जन यात्रा निकाली गई। इस यात्रा से बिहार में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, पलायन रुका नहीं, शिक्षा की हालत बदतर है, भ्रष्टाचार रुका नहीं, जमीनी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। निशांत कुमार की ये यात्रा बिहार का रोडमैप कम है, राजनीतिक विरासत बचाने की यात्रा ज्यादा है। नीतीश कुमार जी से बीजेपी ने सत्ता का हस्तांतरण करा लिया है। इसे कैसे बैलेंस किया जाए उसके लिए ये यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा से बिहार में कोई परिवर्तन होने वाला नहीं है। अब जेडीयू का अस्तित्व संकट में है, आने वाले दिनों में जेडीयू इतिहास के पन्नों में समा जाएगा। 


बिहार के लड़के का कोल्ड ब्लडेड मर्डर हुआ, बिहार के तमाम बड़े नेता दिल्ली में हैं, ये पांडव के परिवार से मिलेंगे? : कुमार सौरव

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने कहा कि बिहार में पहली बार आप लोगों ने बयान सुना होगा कि मार दिया तो मार दिया, कौन सी बड़ी बात है? ये बयान बिहार के एनडीए के बड़े घटक दल के संरक्षक व वर्तमान में केंद्रीय मंत्री का ये बयान था। इस बयान से नेताओं के बिहार के प्रति असंवेदनशीलता को देख व समझ सकते हैं। बिहार से 40 सांसद हैं, जिनमें 30 एनडीए, 16 राज्यसभा के सांसद, इनमें 12 एनडीए के सांसद, 8 केंद्रीय मंत्री हैं, इसमें से 1 ने भी सार्वजनिक रूप से बिहार के 1 लड़के को सिर्फ बिहारी होने के कारण गोली मार दी जाती है, बावजूद इसके कि उसे न्याय दिलाए बल्कि ये बयान आता है है कि "मार दिया तो मार दिया कौन सी बड़ी बात है?" बिहार के 13 करोड़ लोग पूछ रहे हैं, किसके लिए आप दिल्ली में बैठे हैं? बिहार के लड़के का दिल्ली में कोल्ड ब्लडेड मर्डर कर दिया जाता है, बिहार के तमाम बड़े नेता व वर्तमान सीएम दिल्ली में हैं, ये सारे केंद्रीय मंत्री पांडव के परिवार से मिलेंगे? ये ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद बिहार के लड़के ही हत्या कर दी जाती है, ये कहकर की जाती है कि तुम बिहारी हो। जैसा कथित रूप से पीड़ित के परिजनों का आरोप है। बिहार के हर क्षेत्र में बिहारियों पर अत्याचार होता है, बावजूद इसके बिहार के नेताओं की चुप्पी जनता देख रही है।


सिर्फ बिहारी होने के कारण दिल्ली में युवक की हत्या : मनीष कश्यप

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष कश्यप ने कहा कि सिर्फ बिहारी होने के कारण दिल्ली में पांडव नामक युवक ही हत्या कर दी गई। उसी दिन बरेली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने गए किशनगंज (ठाकुरगंज) के मौलाना तौकिर रजा की घर आने के दौरान हत्या की जाती है। ऐसा उनकी पत्नी का कहना है। इन दोनों घटनाओं की जांच कर आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बिहारियों के साथ भेदभाव नया नहीं है। 2015 में अखलाक हत्याकांड हुआ था, ऐसा नहीं होना चाहिए था। अखिलेश सरकार ने पीड़ित के परिजनों को 45 लाख रुपए व 4 फ्लैट दिए थे। पांडव की हत्या मामले में पीड़ित के परिजनों को 8 लाख रुपए सरकार दे रही है, बिहारी की जान की कीमत 8 लाख रुपए बिहार सरकार लगा रही है। हम मांग करते हैं कि अगर बिहारी मजदूर की मौत दूसरे राज्य में हो तो सरकार उन्हें 1 करोड़ रुपए व सरकारी नौकरी दे। क्योंकि बिहारी मजबूरी में पलायन करते हैं।

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