मधुबनी : आर्द्रभूमि संरक्षण को लेकर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 11 मई 2026

मधुबनी : आर्द्रभूमि संरक्षण को लेकर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

  • "सेव बिहार वेटलैंड्स" मोबाइल ऐप के उपयोग, डेटा संग्रहण, जियो-टैगिंग, जैव विविधता प्रलेखन आदि की दी गयी जानकारी

Madhubani-wetland

मधुबनी (रजनीश के झा)। बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की ओर से आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं वैज्ञानिक प्रलेखन को लेकर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आर्द्रभूमि मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत आयोजित हुआ। प्राधिकरण द्वारा कराए गए व्यापक सर्वेक्षण में बिहार के सभी जिलों में 2.25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले कुल 3,911 जल निकायों की पहचान की गई है। इनमें कटिहार एवं पूर्णिया जिलों में सबसे अधिक आर्द्रभूमियां चिह्नित की गई हैं। आर्द्रभूमियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और संरक्षण योजना को आसान बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने "सेव बिहार वेटलैंड्स” नामक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से जल गुणवत्ता, जैव विविधता, पारिस्थितिक महत्व, अतिक्रमण और संभावित खतरों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक  (जलवायु परिवर्तन एवं आर्द्रभूमि) के मार्गदर्शन में वन रक्षकों एवं क्षेत्र स्तरीय कर्मियों द्वारा इस एप के जरिए आर्द्रभूमियों का संक्षिप्त दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में आर्द्रभूमि विशेषज्ञ डॉ सरोज कुमार वारीक ने मधुबनी वन प्रमंडल के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को "सेव बिहार वेटलैंड्स" मोबाइल एप के उपयोग, डेटा संग्रहण, जियो टैगिंग, जैव विविधता प्रलेखन और आर्द्रभूमियों पर मंडरा रहे खतरों की रिपोर्टिंग की जानकारी दी गई।

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