सीहोर : भगवान शिव की पूजा अर्चना के पश्चात सीवन नदी परिक्रमा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 17 मई 2026

सीहोर : भगवान शिव की पूजा अर्चना के पश्चात सीवन नदी परिक्रमा

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सीहोर। नदी बचाओ अभियान के तहत सीवन पुत्र पुत्रियां के द्वारा सीवन नदी महिला घाट से रविवार को शुरू की गई। यात्रा की शुरूआत शहर के प्राचीन शिव मंदिर से की गई। इस मौके पर अनेक लोगों ने चौराहे तिराहे पर स्वागत सम्मान किया। रविवार को भगवान शिव की पूजा अर्चना के पश्चात बाइक सवार सीवन नदी के घाट पर पहुंचे। पहली बार पवित्र सीवन नदी परिक्रमा के लिए रवाना हुई यह बाइक यात्रा 18 किलोमीटर का सफर तय करेगी। नदी बचाने के संकल्प के साथ प्रदीप चावडा के कुशल नेतृत्व में रवाना हए सीवन नदी परिक्रमा यात्री उत्साह के साथ हाथों में तिरंगा और भगवा झंडा लेकर हर हर महादेव भारत माता की जय, सीवन मैया की जय के जय घोष के साथ रवाना हुए।


शहर की जीवनदायिनी और एक पवित्र ऐतिहासिक जलधारा के रूप में सदियों से मौजूद रही सीवन नदी को अपने मूल स्वरूप में लाने के लिए नगर के युवाओं ने करीब सबा महीने से अभियान शुरू किया है। इसके तहत जन जागरूकता, जलकुंभी निकालना और नदी के प्रति आत्मिक लगाव जोड़ने के लिए सीवन पुत्र-पुत्री बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। इसी क्रम में 17 मई रविवार को मनकामेश्वर मंदिर से सीवन परिक्रमा शुरू की गई है। इसे लेकर नगर में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए नगर के लगभग सभी जिम्मेदार नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपील भी की है। सीवन नदी मात्र एक जलधारा ही नहीं है बल्कि यह सीहोर को सांस्कृतिक पहचान देती है। इस नदी के तट अपने प्राचीन मंदिरों व स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के कारण ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। सीहोर का प्राचीन नाम 'सिद्धपुरÓ है। सीवन नदी के तट पर प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों और संतों ने तपस्या की है। प्राचीन काल से ही इस नदी के तट लोगों की आस्था के केंद्र रहे हैं, जहाँ विभिन्न देवी-देवताओं और नंदी महाराज की मूर्तियां व ऐतिहासिक छतरियां स्थित हैं।

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