सीहोर : आज किया जाएगा विशेष श्रृंगार और 6 क्विंटल मावे बर्फी का भोग - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 17 मई 2026

सीहोर : आज किया जाएगा विशेष श्रृंगार और 6 क्विंटल मावे बर्फी का भोग

  • कुबेरेश्वरधाम पर अधिक मास पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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सीहोर। रविवार को अधिक मास के पावन अवसर के पहले दिन जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और यहां पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को 5 क्विंटल से अधिक बलूसाई मिठाई, 10 क्विंटल से अधिक नमकीन और भोजन प्रसादी का वितरण किया साथ ही यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को ठंडाई का वितरण गर्मी को देखते हुए किया जा रहा है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम देश और विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। सोमवार को धाम पर परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर में सोमवार को विशेष श्रृंगार किया जाएगा और सुबह छह क्विंटल से अधिक मावे की बर्फी का भोग लगाया जाएगा। मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान राम-सीता और भगवान कृष्ण और राधा की नियमित रूप से पूजा अर्चना की जाती है। अधिक मास पर आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव और भगवान विष्णु की एकसाथ आराधना करते हुए दिखाई दे रहे है। शाम को बाबा की विशेष आरती नियमित रूप से की जा रही है। अधिक मास में भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा खासतौर पर की जाती है। इस महीने को विष्णु जी के ही एक नाम पुरुषोत्तम से भी जाना जाता है। इन दिनों में तीर्थ स्नान, मंदिरों में दर्शन-पूजन, सत्संग, मंत्र जप, दान-पुण्य, पूजन आदि शुभ काम किए जाते हैं।


अधिक मास पर भगवान शिव और विष्णु की एक साथ पूजा अर्चना

उन्होंने बताया कि अधिक मास भगवान विष्णु और शिव दोनों की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसी कारण धाम में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। यहां पर सुबह से ही बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में बाबा की भव्य शीला पर श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। इसके अलावा मुरली मनोहर मंदिर परिसर में स्थित भगवान शिव, भगवान श्रीराम और भगवान श्री कृष्ण आदि का दर्शन किया जा रहा है। समिति द्वारा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। 






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