रंजन सिन्हा ने बताया कि एस आर के म्यूजिक के प्रमुख रोशन सिंह ने हमेशा नए कलाकारों, गायकों, निर्देशकों और रचनाकारों को आगे बढ़ाने का काम किया है। अब कहानी लेखकों को अवसर देकर उन्होंने एक बार फिर अपनी दूरदर्शी सोच का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि “रंग दे बसंती”, “रिश्ते” और “राज” जैसी फिल्मों के माध्यम से एस आर के म्यूजिक ने यह साबित किया है कि भोजपुरी सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मजबूत कथानक, सामाजिक सरोकार और पारिवारिक मूल्यों का भी प्रभावी माध्यम बन सकता है। इन फिल्मों ने दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई और उद्योग को नई दिशा देने का काम किया। उन्होंने कहा कि देशभर में ऐसे अनेक युवा लेखक हैं जिनके पास बेहतरीन कहानियां और नए विचार हैं, लेकिन उपयुक्त मंच के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। एस आर के म्यूजिक की यह पहल ऐसे लेखकों के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। रंजन सिन्हा के अनुसार, यह केवल कहानी आमंत्रित करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा में नई रचनात्मक ऊर्जा का संचार करने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इसी मंच से कई ऐसी कहानियां सामने आएंगी, जो दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक अपनी जगह बनाए रखेंगी और क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
पटना (रजनीश के झा) । हिंदी, भोजपुरी, मराठी और गुजराती फिल्मों एवं वेब सीरीज़ के लिए कहानी लेखकों से एस आर के म्यूजिक ने प्रविष्टियां आमंत्रित की है । यह पहल को क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण है। इसकी जानकारी देते हुए एस आर के म्यूजिक के प्रवक्ता रंजन सिन्हा ने बताया कि कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होती, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और भावनाओं का प्रतिबिंब भी होती है। ऐसे समय में जब बड़े पर्दे और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर गुणवत्तापूर्ण कंटेंट की मांग लगातार बढ़ रही है, नए और प्रतिभाशाली लेखकों को अवसर देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एस आर के म्यूजिक का उद्देश्य केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को और समृद्ध बनाना भी है।

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