- संसाधन, सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त मैनपावर के अभाव में बिगड़ रही बिजली व्यवस्था, बिना जांच कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत कर्मचारियों और अवर अभियंताओं के विरुद्ध कई मामलों में समुचित जांच के बिना दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। पदाधिकारियों ने ऐसी कार्यवाहियों पर तत्काल रोक लगाने और निष्पक्ष जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की। ज्ञापन में जले हुए ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए ऑन-साइट पर्याप्त कार्यदायी संस्थाएं, आवश्यक सामग्री और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। संगठन ने कहा कि विद्युत उपकेंद्रों और लाइनों के अनुरक्षण कार्यों के लिए प्रशिक्षित और पर्याप्त मैनपावर की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। अवर अभियंताओं के रिक्त पदों को जल्द भरने और फील्ड स्तर पर व्यावहारिक कार्य व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो विद्युत व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने शासन और प्रबंधन से सकारात्मक एवं व्यावहारिक निर्णय लेकर कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की अपील की। इस दौरान पूर्वांचल अध्यक्ष इं. नीरज बिंद, केंद्रीय उपमहासचिव इं. दीपक गुप्ता, पूर्वांचल उपाध्यक्ष इं. राम सिंह, सचिव इं. शिवम चौधरी, संरक्षक इं. अवधेश मिश्र, इं. आई.पी. सिंह, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इं. पुष्कर उपाध्याय, क्षेत्रीय सचिव मिर्जापुर इं. अभिषेक प्रजापति, जनपद अध्यक्ष वाराणसी इं. सतीश बिंद, जनपद अध्यक्ष आजमगढ़ इं. सहदेव राम सहित बड़ी संख्या में अवर अभियंता एवं प्रोन्नत अभियंता उपस्थित रहे।

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