बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pmmvy) एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (Mkuy) के अंतर्गत आवेदन प्रविष्टि की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सभी संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि आगामी माह की समीक्षा बैठक तक हर हाल में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। इसके लिए आवेदन प्रविष्टि कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन की भी समीक्षा की गई। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के न्यूनतम 21 दिनों तक संचालित रहने की स्थिति का आकलन किया गया तथा सभी सीडीपीओ को अपने-अपने प्रखंडों में किए गए निरीक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में कहा गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमितता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी एवं निरीक्षण आवश्यक है। अपर समाहर्ता (आपदा) ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाएं। उक्त बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस),ललिता कुमारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) उपस्थित थी।
मधुबनी (संवाददाता), 20 जून । जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन अपर समाहर्ता (आपदा) की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) एवं डीसी विपत्रों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। अपर समाहर्ता ने कहा कि वित्तीय मामलों से संबंधित लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन विभागीय प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। समीक्षा के क्रम में पोषण ट्रैकर ऐप के विभिन्न सूचकांकों का अवलोकन किया। उन्होंने समीक्षा के क्रम में जिन प्रखंडों की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई गई, उन्हें आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए सभी सूचकांकों पर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अपर समाहर्ता ने कहा कि पोषण ट्रैकर के माध्यम से उपलब्ध आंकड़े विभागीय कार्यों के मूल्यांकन का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए सभी प्रविष्टियां अद्यतन एवं त्रुटिरहित होनी चाहिए।

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