पटना : कोरोनाकाल में जिस भरत को किया था सम्मानित उसे बदले की भावना में मारी गोली : मनोज भारती - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 20 जून 2026

पटना : कोरोनाकाल में जिस भरत को किया था सम्मानित उसे बदले की भावना में मारी गोली : मनोज भारती

  • वारदात के समय शामिल हर पुलिसकर्मी को निलंबित करने के लिए मुख्य सचिव को ज्ञापन देने के साथ रविवार को कारगिल चौक पर करेंगे प्रदर्शन

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पटना (रजनीश के झा), 20 जून : जन सुराज पार्टी कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता की गई। जिसमें बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था, खासतौर पर भोजपुर जिले में भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पार्टी के नेताओं ने अपनी बातें रखी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना, आरके मिश्रा, सुभाष कुशवाहा, राकेश पटेल, पद्मा ओझा, ओबैदुर रहमान मौजूद थे। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि हम जन सुराज के तरफ से दो काम करेंगे, जल्द मुख्य सचिव को ज्ञापन देंगे। जनता-प्रशासन को जगाने के लिए पटना कारगिल चौक पर रविवार की शाम को प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में हम यह मांग करेंगे कि वारदात के समय शामिल हर पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाए। पीड़ित के परिजनों की मांगों को रखेंगे, जैसे पीड़ित के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा व 1 सरकारी नौकरी दी जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोरोना के समय से ही समाज की भलाई के लिए प्रशासन-शासन से लड़ते आए हैं। उन्हें पुलिस ने अवॉर्ड भी दिया है। पुलिस उनके काम के बारे में नहीं जानती ऐसा नहीं है। उनके मौत के कुछ दिनों पहले जब उन्होंने जवईनिया गांव के कटाव से प्रभावित आबादी को बेलौटी में विस्थापित करने का काम शुरू हुआ, तो लोगों को निचली जमीन में बसाया रहे थे, इनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि लोगों को ऊंचे जगह पर बसाए या गढ्ढा भर दें। उस दौरान स्थानीय एसडीओ से इनकी झड़प हुई, एसडीओ ने बदला लेने की बात कही। दो दिनों तक इनके घर पर पुलिस आती रही। पुलिस से जब भरत का सामना हुआ तो उन्होंने रिवालवर फेंक कर गिरफ्तार करने की बात कही। जिस निर्ममता से पुलिस ने उनको नजदीक से गोली मारी, ये ऐसा लगता है कि बदले की भावना से प्रेरित होकर बदला लिया गया। पुलिस के सारे अधिकारी जो उस समय वहां मौजूद थे वे सिर्फ इसलिए बदला ले रहे थे, क्योंकि भरत प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रहा था। ये निकृष्ठ प्रशासन व्यवस्था दिखती है।


पार्टी के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने कहा कि आरा के बेलौटी गांव में गरीब सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी, जो अन्याय, भ्रष्टाचार, विस्थापन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, उनका पुलिस ने फेक एनकाउंटर किया। पार्टी की 7 सदस्यीय कमिटी मनोज भारती के नेतृत्व में पीड़ित के गांव गए व परिजनों व गांव के अन्य लोगों से जानकारी ली। लोगों का मानना था कि भरत तिवारी सामाजिक कार्यकर्ता थे, पंचायत से लेकर जिला स्तर पर चल रही सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता चाहते थे, ये प्रशासन-नेताओं से चाहते थे भ्रष्टाचार न हो। भरत की बातों को न नेता न ही प्रशासन ने गंभीरता से लिया। उनके मन में आया कि हथियार उठा लें तो सरकार उनकी बातों को गंभीरता से ले, उनकी नीयत गोली चलाने की नहीं थी। लेकिन, पुलिस इतनी अहंकार में थी कि उन्होंने सटाकर गोली मारी व हत्या की गई। हम चुप नहीं बैठेंगे। सीएम सम्राट चौधरी से सवाल करते हुए कहा कि आज पटना में दो-दो बेटियों के साथ, बेगूसराय में अति पिछड़ा समाज की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। प्रशासन की गोली भरत तिवारी पर चलेगी? उसपर कब गोली चलेगा जो दोषी हैं, नीट छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी हैं, गोपालगंज में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी हैं। जब से नई सरकार बनी है, तब से आपराधिक घटनाओं पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। भरत तिवारी सहित तमाम एनकाउंटर की जांच हो, दोषी पर सजा हो। मामले में दो दारोगा, 5 पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि वहां के दोषी एसपी-डीएसपी पर कब कार्रवाई कीजिएगा सम्राट चौधरी जी?


पूर्व आईपीएस व पार्टी के वरिष्ठ नेता आरके मिश्रा ने कहा कि भरत तिवारी मामले में एनकाउंटर के नाम पर साजिशन हत्या की है। यहां आत्मसमर्पण करने के बावजूद उसे जेल भेजने की बजाय क्लोज रेंज से गोली मारी व घुमाते रहे। प्रशासन ये सुनिश्चित करना चाहती थी कि उसकी मौत हो जाए तब वो अस्पताल पहुंचे। ये बिल्कुल सुनियोजित साजिश है। प्रशासन-नेताओं की मिली भगत है। सामाजिक कार्यकर्ता को मारा गया है। बिहार में हो रहे एनकाउंटर से पुलिस खूनी हो जाएगी। ऐसे हत्या होगी तो विधानसभा-संसद में जो आपराधिक कुकृत्य के दोषी हैं या जिनपर आरोप हैं उनको भी गोली मार देंगे? न्यायपालिका को अपना काम करने देना चाहिए। पुलिस के हाथों किसी की हत्या कराना भय का माहौल बनाना है, यहां न्याय का माहौल बनाइए भय का नहीं।

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