बैठक में कांग्रेस नेता एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने भी उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि "छात्रों की गूंज" कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की आवाज़ है। यह उन छात्रों और उनके परिवारों की पीड़ा एवं संघर्ष को सामने लाने का प्रयास है, जो वर्षों की कठिन मेहनत के बावजूद अपने परिश्रम का उचित परिणाम नहीं प्राप्त कर पाते। कन्हैया कुमार ने कहा कि यदि देश की शीर्ष पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों द्वारा खर्च की जाने वाली राशि को जोड़ दिया जाए, तो वह भारत सरकार के कई मंत्रालयों के कुल बजट से भी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि छात्रों की समस्याओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों से छात्रों तक अधिक से अधिक पहुंच बनाने, उन्हें संगठित करने तथा कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक में चंद्रभूषण राजपूत सहित कांग्रेस पार्टी, एनएसयूआई एवं इंडियन यूथ कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पटना (रजनीश के झा), 29 जून । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के आगामी "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के मद्देनज़र एक्शन समिति की पहली बैठक गांधी संग्रहालय, पटना में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समाजसेवियों एवं एक्शन ग्रुप के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस बैठक में विशेष रूप से बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू मौजूद थे। इस अवसर पर कुमार अनुपम ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा उपस्थित सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को छात्रों के बीच जाकर उनसे संपर्क एवं संवाद स्थापित करना है तथा उन्हें "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व की जानकारी देनी है। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था सिलेक्शन (चयन) प्रक्रिया कम और रिजेक्शन (अस्वीकृति) प्रक्रिया अधिक बन गई है। लाखों युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन सीमित अवसरों, भर्ती में देरी और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण अधिकांश छात्रों को निराशा का सामना करना पड़ता है।

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