- पिता को जेल भेज दिया और माता को बेघर कर दिया

सीहोर। भंवरा की नो बेटियों ने प्रशासन से न्याय मांगा। बेटियों का कहना था की पहले ही पिता को जेल भेज दिया और कच्चा घर तोड़कर हमें भी बेघर कर दिया। भूमि पर कब्जा करने के लिए माता पिता पर अत्याचार किया गया। मदद किसी ने नहीं की सभी ने दलित होने पर त्रिस्कार किया। अब गांव के दबंग हमें रोज तंग कर रहे। पूरा मामला आष्टा तहसील के ग्राम भंवरा का है। यह प्रशासन ने बीते दिनों दलित परिवार के घर को अतिक्रमण बताकर बुल्डोजर चलाकर तोड़ दिया है। कार्रवाही के बाद पूरा परिवार संकट में आ गया है। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ममता के साथ पहुंची नेहा, निकिता, विरा, सोनम, रंजना, अंजली,संध्या, पिंसा ने बताया कि पूरे गांव में अतिक्रमण है केवल हमारा ही घर तोड़ा गया है। गांव के सरपंच कहते है की यह निजी जमीन है सरकारी अधिकारी भूमि को शासकीय बताते है गांव वाले इस भूमि को ममता रमेश की बताते है। हम बीते पचास सालों से कच्चे घर में रह थे। जमीन हडऩे के लिए विरोधियों ने पिता को झूठे केस में जेल भिजवा दिया है। पिता के नहीं होने पर हमारा जीवन दुश्वार हो गया है। माता खेतों में काम कर हमें पालती है। घर नहीं होने पर हम बेघर हो गए है। बिना पूर्व सूचना के प्रशासन ने सरपंच के कहने पर हमें बेघर कर दिया है। जेसीबी लेकर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस ने हमारे साथ डंडों से मारपीट की है। मोबाइल छीन लिये गये है। घर में रखा गेहू गांव के लोगो में बंटवा दिया है। दबंग लोग घर की महिला सदस्यो को गांव में नग्न कर जूलूस निकालने की धमकी दे रहे है। पुलिस कोई कार्रवाही नही कर रही है।
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