- नागार्जुन की जन्मभूमि हुसैनपुर सतलखा,मधुबनी के लिए रवाना हुआ जत्था

समस्तीपुर (रजनीश के झा) । आज जेठ पूर्णिमा (29जून 2026) मध्यकालीन इंकलाबी कवि कबीर और आधुनिक जनकवि नागार्जुन की जयंती है। कबीर और नागार्जुन दोनों ने ही अपने -अपने समय में शोषक शासकों एवं दमनकारी सामंती तथा पूंजीवादी व्यवस्था से सीधी मुठभेड़ की थी और मनुष्यता की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया था। आज के कॉर्पोरेटपरस्त फासिस्ट बर्बरता के दौर में भी कबीर और नागार्जुन दोनों ही इस व्यवस्था से मुठभेड़ करने वाली मुक्तिकामी जनता के प्रेरणा स्रोत हैं। इसलिए जन संस्कृति मंच, मिथिलांचल के तत्वावधान में पूरे मिथिलांचल में कबीर और जनकवि नागार्जुन का जयंती समारोह मनाया गया। इस अवसर पर "अभिव्यक्ति के खतरे उठाने ही होंगे" सांस्कृतिक जन जागरण यात्रा का कार्यक्रम पूरे मिथिलांचल में आयोजित किया गया । इस सांस्कृतिक जन जागरण यात्रा जत्था का प्रारंभ समस्तीपुर के लेनिन आश्रम अवस्थित भाकपा-माले जिला कार्यालय से सुबह 8 बजकर 30मिनट पर किया गया। इस । अवसर पर जत्था को संबोधित करते हुए माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार और जन संस्कृति मंच के जिला अध्यक्ष डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि कबीर और नागार्जुन हमेशा प्रासंगिक रहेंगे। उनकी रचनाएं अमर हैं। का जत्था जन संस्कृति मंच, बिहार के सचिव कॉ दीपक सिन्हा के नेतृत्व में प्रस्थान हुआ, जिसमें समस्तीपुर जसम के कार्यकारी जिला सचिव रंजन कुमार, जिला उपाध्यक्ष अरविंदानंद, जन गायक कॉ विद्यानंद दास और कॉ जसबिंदर राम शामिल थे ।जन संस्कृति मंच के जिला अध्यक्ष प्रो प्रभात कुमार, भाकपा-माले जिला सचिव कॉ किसान नेता ने भी अपने विचार रखे । प्रो उमेश कुमार,डॉ प्रभात कुमार,ललन कुमार सहित वहां उपस्थित सभी लोगों ने हरी झंडी दिखाकर दरभंगा होते हुए नागार्जुन की जन्मभूमि हुसैनपुर सतलखा, मधुबनी के लिए जत्था को रवाना किया।जत्था में जसम के रंजन कुमार,अरविंद आनन्द,विद्यानन्द दास,जसविन्दर राम आदि शामिल थे।
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