- सच्चे मन से की गई शिव आराधना कभी व्यर्थ नहीं जाती : अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा

सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी शहर का नाम विश्व पटल पर रोशन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का जन्मोत्सव जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर सुबह दस बजे धाम पर पहुंचे पंडित श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने बाबा की आरती की और उसके पश्चात अपने प्रवचन में कहा कि भगवान शिव ऐसे देव हैं जो अपने भक्तों का सदैव कल्याण करते हैं। सच्चे मन से की गई शिव आराधना कभी व्यर्थ नहीं जाती और महादेव अपने भक्तों के जीवन से दुख, संकट और बाधाओं को दूर कर सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करते हैं। भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की छोटी-सी भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का जाप करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं और महादेव की कृपा सदैव बनी रहती है। कुबेरेश्वरधाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विठलेश सेवा समिति की ओर से भव्य भोजनशाला में पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देश पर सुबह करीब पांच क्विंटल से अधिक गुलाब जामुन, पांच क्विंटल से अधिक आमरस, आठ क्विंटल से अधिक मावे की बफी, नमकीन, 10 क्विंटल से अधिक खिचड़ी और रोटी-सब्जी आदि प्रसादी का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य अनेक प्रकार की चिंताओं और परेशानियों से घिरा हुआ है, लेकिन यदि वह भगवान शिव की शरण में चला जाए तो उसे मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है। महादेव केवल भौतिक सुख ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
प्रतिदिन भगवान शिव का स्मरण करें
पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन भगवान शिव का स्मरण करें, शिवलिंग पर जल अर्पित करें तथा मानव सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि जहां सेवा, संस्कार और शिव भक्ति होती है, वहां भगवान शिव की कृपा अवश्य बरसती है। प्रवचन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। कथा के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
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