इस पल को और भी खास बनाती है यह बात कि सब कुछ दोबारा शुरू करने की वजह बनने के बावजूद वैदेही न तो किसी श्रेय की उम्मीद करती है और न ही तालियों की। वह बस मुस्कुराते हुए चुपचाप वहाँ से चली जाती है। इससे यह साबित होता है कि सच्ची ताकत को पहचान या प्रशंसा की जरूरत नहीं होती। प्रोमो बहुत खूबसूरती से वैदेही के निःस्वार्थ स्वभाव, उसके आत्मविश्वास और इस सोच को दिखाता है कि अच्छे काम की अहमियत तारीफ से कहीं ज्यादा होती है। शो को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए, आरती बिराजदार ने कहा, "मैं इस शो का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूँ। वैदेही का किरदार बेहद खास है। वह बाहर से भले ही साधारण दिखती हो, लेकिन उसके अंदर बहुत हिम्मत, समझदारी और आत्मसम्मान है। मुझे वैदेही की सबसे अच्छी बात यह लगती है कि वह कभी हार नहीं मानती, चाहे लोग उसे नज़रअंदाज़ करें या कम समझें। वह बिना किसी तारीफ, पहचान या प्रसिद्धि की उम्मीद किए सही काम करती रहती है। उसका सपना सिर्फ मेहनत करना और अपने सपनों को पूरा करना है। वैदेही उन कई लड़कियों की कहानी है, जो हर दिन चुपचाप हिम्मत और दृढ़ निश्चय के साथ अपनी लड़ाई लड़ती हैं। 'थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान' के जरिए दर्शक एक ऐसी लड़की की भावुक और प्रेरणादायक यात्रा देखेंगे, जो शिकायत करने के बजाए हिम्मत से आगे बढ़ती है और सीमाओं से परे सपने देखती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक वैदेही से जुड़ाव महसूस करेंगे और उसकी कहानी में अपने जीवन की झलक देख पाएँगे।" थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान सिर्फ एक लड़की के सपनों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस हिम्मत की कहानी है, जो हर मुश्किल में भी उम्मीद की रोशनी जलाए रखती है। वैदेही की यात्रा उन सभी लड़कियों को समर्पित है, जो चुपचाप संघर्ष करती हैं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार आगे बढ़ती रहती हैं। जल्द ही देखिए 'थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान' शो सिर्फ सन नियो पर।
मुंबई (संवाददाता) : भावनाओं और रिश्तों से जुड़ी दिल छू लेने वाली कहानियों के लिए पहचाना जाने वाला सन नियो अब अपने दर्शकों के लिए नया प्रेरणादायक शो 'थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान' लेकर आ रहा है। चैनल ने इस शो का पहला प्रोमो जारी किया है, जिसमें दर्शकों की मुलाकात वैदेही से होती है। इस किरदार को आरती बिराजदार निभा रही हैं। वैदेही एक साधारण सी दिखने वाली लड़की है, लेकिन उसके अंदर हिम्मत, समझदारी और आत्मविश्वास की अद्भुत ताकत है। कोल्हापुर की रंगीन पृष्ठभूमि पर आधारित इस प्रोमो में एक भव्य रामलीला का दृश्य दिखाया गया है। गाँव के मैदान में लोगों की भीड़, रोशनी और उत्सव का माहौल है। इसी बीच, एक साधारण सी लड़की वैदेही की एंट्री होती है, जिसे लोग अक्सर उसके सामान्य रूप-रंग की वजह से नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जहाँ हर कोई बाहरी सुंदरता और चमक-दमक की ओर आकर्षित होता है, वहीं वैदेही चुपचाप पीछे रहकर अपना काम करती रहती है। वह न किसी तारीफ की उम्मीद करती है और न ही पहचान की। तभी अचानक बिजली चली जाती है और रामलीला बीच में रुकने की नौबत आ जाती है। चारों तरफ अफरा-तफरी मच जाती है और लोगों की उम्मीद टूटने लगती है। ऐसे में, वैदेही हिम्मत और समझदारी के साथ आगे आती है। अपनी सूझबूझ और तकनीकी कौशल से वह बिजली दोबारा चालू कर देती है और रामलीला को रुकने से बचा लेती है।

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