- 31.83 करोड़ की लागत से विकसित हो रही पर्यटन सुविधाएं, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

मधुबनी (रजनीश के झा), 02 जून । माता सीता एवं प्रभु श्रीराम की प्रथम मिलन स्थली तथा मिथिला की आस्था, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र फुलहर स्थान में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का जिलाधिकारी ने स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से तालाब के सौंदर्यीकरण, परिसर विकास, पर्यटक सुविधाओं के निर्माण एवं अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर आमजन एवं श्रद्धालुओं को समर्पित किया जाए। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने फुलहर स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध गिरिजा मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए तथा जिले की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि फुलहर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान एवं गौरव का प्रतीक है। इस स्थल का समुचित विकास राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को और सशक्त करेगा। गौरतलब है कि लगभग 31.83 करोड़ रुपये की लागत से फुलहर स्थान के समग्र विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के उपरांत यहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यवसाय, स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन फुलहर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां विकसित की जा रही सुविधाएं श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभव को और अधिक सुगम एवं आकर्षक बनाएंगी।
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