दिल्ली : ‘‘आज्ञाकारी नौकर’’ की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं हमारे प्रधानमंत्री : राहुल गांधी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 14 जून 2026

दिल्ली : ‘‘आज्ञाकारी नौकर’’ की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं हमारे प्रधानमंत्री : राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका की ओर से दिए गए बयानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए रविवार को कहा कि ‘‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’’ एक ‘‘आज्ञाकारी नौकर’’ की तरह सुनते हैं और ‘‘आदेशों’’ का पालन करते हैं। गांधी ने कहा कि ‘‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’’ देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वह उन्हीं के वश में हैं। अमेरिका ने हाल में बयान दिया है कि उसने भारत को बता दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए ऐसी “घातक” कार्रवाई को अनुचित बताया था। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके शब्द पढ़िए: ‘अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।’ कोई उल्लंघन ‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’।’’ गांधी ने कहा, ‘‘एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा लेकिन समझौता कर चुके हमारे प्रधानमंत्री चुप हैं। वह एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समझौता कर चुका कोई प्रधानमंत्री देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वह उन्हीं के वश में हैं। तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम परिवहन मार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है।


अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, विदेश मंत्री रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि सभी वाणिज्यिक पोतों को अमेरिकी बलों के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए क्योंकि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इस सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन पोतों पर हमला किया गया। इनमें से एक घटना में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इसके बाद जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक पोत पर अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीयों की मौत का विरोध दर्ज कराने के लिए रुबियो से बात की थी। रुबियो से बातचीत के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि वाणिज्यिक पोतों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई उचित नहीं है। इससे पहले भारत ने शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और उनसे कहा था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक पोतों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं। इसके कुछ घंटे बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय पोतों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया और कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। ईरान ने ट्रंप के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। भारत में ईरानी दूतावास ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय पोत को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार है।

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