- प्रदेश सनातन सेना का गठन, राष्ट्रीय संरक्षक महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने सौंपी जिम्मेदारी

सीहोर। हिंदू सनातन धर्म का आधार ही सामाजिक समानता है। सनातन धर्म में छोटे-बडे का कोई स्थान ही नहीं हैं क्योंकि यह धर्म सबको ही एक समान मानता है। वसुधैव कुटुम्बकम की परिकल्पना के साथ यह पूरा विश्व एक परिवार ही है और हम सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। यही कारण है कि हम सदैव विश्व कल्याण की कामना ही करते हैं। हमारे रास्ते भले ही अलग-अलग हों, मगर सबका एक ही लक्ष्य पूरे विश्व व पूरी मानवता का कल्याण करना वएक ही मंजिल उस सर्वशक्तिमान को प्राप्त कर अपने मानव जीवन को सार्थक बनाना है। उक्त विचार आर्यावर्त षट्दर्शन साधु मंडल भारत सनातन सेना के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री सन्नी सरदार ने कहे। इस मौके पर महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज के मार्गदर्शन में सनातन सेना का प्रदेश का गठन किया गया। इस मौके पर सनातन धर्म को सक्रिय भूमिका रखने वाले गौरव शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष के अलावा समाजसेवी सुनीता राठौर प्रदेश महिला सनातन सेना का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में संत माधवदास महाराज, प्रदेश अधिवक्ता प्रकोष्ठ का अध्यक्ष अजित पाल सिंह, व्यापारी प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रजत मुंदड़ा, प्रदेश आचार्य के रूप में यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास, प्रदेश सचिव पवन केवट को मनोनित किया गया है।
सनातन सेना के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आगामी दिनों में राष्ट्रीय संरक्षक महामंडलेश्वर रामभूषण महाराज और राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मोहन दास महाराज के मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड सहित अन्य प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहाकि संत समाज, जागरूक लोगों का कर्तव्य है हमारी सनातनी धर्म और संस्कृति को बचाना। संस्कृति को खत्म करने का एक सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचा जा रहा है। सनातनी परंपराएं और संस्कृति इतनी मजबूत है कि मुगल और अंग्रेज भी इसे खत्म नहीं कर पाए लेकिन अंग्रेज जाते-जाते हमारी मानसिकता में जो अंग्रेजी का और पश्चिमी सभ्यता का बीजारोपण कर गए उसक कारण हमारी संस्कृति को खतरा उत्पन्न होने लगा है। आज हम स्वयं ही हमारी संस्कृति के सबसे बड़े दुश्मन हो गए है। पश्चिमी सभ्यता हमारे उपर हावी है।
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