सीहोर : कृषि भूमि पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किया बलपूर्वंक कब्जा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 2 जून 2026

सीहोर : कृषि भूमि पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किया बलपूर्वंक कब्जा

  • आदिवासियों ने की प्रशासन से दंबगों पर सख्त कार्रवाही की मांग, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में दिया गया शिकायती पत्र

Land-encroachment-sehore
सीहोर। ईमलीखेड़ा गांव के आदिवासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष इंदिरा भील के नेतृत्व में ज्ञापन दिया। आदिवासियों ने सरकार के द्वारा दी गई कृषि भूमि पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बलपूर्वंक कब्जा करने का आरोप लगाया। आदिवासी अंतरिया,गदिया, बेटिया,ओम, कारिया ने बताया कि सरकार के द्वारा जीवन यापन करने के लिए 25 साल पहले खसरा नं. 34/1 रकबा 2.023 हे., 33/2 रकबा 2.023 हे., 33/1/2 रकबा 2.023 हे. भूमि दी गई थी। क्षेत्र के रईस मियां राजकुमार परमार, शहनाज बी ने सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के आधार यह भूमि अपने नाम कराली है। इन लोगों के द्वारा बलपूर्वक खेत पर बनी टपरी व झोपड़ी को भी तोड़ दिया गया है। इस संबंध में एसडीएम तहसीलदार को शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाही संबंधितों पर नहीं की जा रही है। भूमि से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। भू माफिया द्वारा हमारी जमीन पर जबरन कब्जा कर दीवार खड़ी कर रहे है। शिकायत के बाद भी गरीब आदिवासियों को अबतक न्याय नहीं मिला है। आदिवासयिों ने भूमाफियाओं के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग प्रशासन से की है। ज्ञापन देने समय बाबू भील सहित बड़ी संख्या में पीडि़त आदिवासी मौजूद रहे।

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