सीहोर : गोपेश्वरधाम पर शिव चालीसा पाठ का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 13 जून 2026

सीहोर : गोपेश्वरधाम पर शिव चालीसा पाठ का आयोजन

Shiv-chalisa-path-sehore
सीहोर। शनिवार को मास शिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के मुगीसपुर के समीपस्थ श्री राधेश्याम विहार कालोनी में गोपेश्वरधाम पर नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ किया जा रहा है, वहीं शिवरात्रि के पावन अवसर पर सवा माह पूर्व हो जाने पर शांति हवन, भगवान शिव का विशेष अभिषेक के अलावा सत्यनारायण की कथा का आयोजन यज्ञाचार्य पंडित सतीश तिवारी, संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी, राहुल तिवारी सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने किया। इस मौके पर पंडित श्री तिवारी ने कहाकि मंदिर आदि में नियमित रूप से प्रतिदिन यज्ञ और हवन होना चाहिए। यज्ञ करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं। यह एक पवित्र कर्म है जिसके माध्यम से ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, इसके अलावा शिव चालीसा भगवान शिव की स्तुति है। शिव चालीसा को भगवान शिव की सभी स्तुतियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसमें भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिव के उपासको द्वारा पाठ किया जाता है। वैसे तो भोलेनाथ केवल सच्चे मन से याद करने पर भी भक्तों की पुकार सुन लेते हैं, परंतु जो भी भक्त नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करता है, उस पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है। शिव चालीसा का पाठ करना महादेव शिव की आराधना करने का एक बहुत ही उत्तम माध्यम है। शिव चालीसा के माध्यम से आप अपने आराध्य भगवान् शंकर को बड़े हीं आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं। 

कोई टिप्पणी नहीं: