अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार ने कहा कि दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थापित 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों एवं उद्योगोन्मुख कौशलों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने छात्रों को प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर का पूर्ण लाभ उठाने, निरंतर अभ्यास करने तथा स्वयं को उद्योग-तैयार बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भविष्य की प्रमुख तकनीकों में से एक है, जो विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान करेगी। इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का परिचय, CAD सॉफ्टवेयर डेमोंस्ट्रेशन, C-DAC लैब ओरिएंटेशन, इंटर्नशिप रोडमैप तथा प्रमाणन दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनों, सॉफ्टवेयरों एवं प्रायोगिक गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज, MIT मुजफ्फरपुर तथा बिहार के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं। यह पहल विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों में व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा प्रतिभागियों को आगामी प्रशिक्षण सत्रों के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
दरभंगा (संवाददाता), 01 जून 2026। दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज (DCE), दरभंगा स्थित स्पेशलाइज्ड सेंटर ऑन 3D प्रिंटिंग एवं एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा "Beginning a Career in Additive Manufacturing and Becoming Industry Ready" विषय पर समर इंटर्नशिप इंडक्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन C-DAC Lab 109 में किया गया। कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार, प्राचार्य, दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के संरक्षण में तथा श्री प्रफुल्ल चंद्र, सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी-इन-चार्ज, C-DAC लैब के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर राजकीय पॉलिटेक्निक, दरभंगा के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के श्री सुधीर कुमार एवं सुश्री सीमा कुमारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं 3D प्रिंटिंग तकनीक के वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती हुई विनिर्माण तकनीकों, उद्योग की आवश्यकताओं तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी प्रदान की और उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष एवं उद्योग-तैयार बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान C-DAC के चीफ इन्वेस्टिगेटर श्री आसित कुमार सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देते हुए उन्हें नवाचार, कौशल विकास एवं निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों में दक्षता प्राप्त कर वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं।

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