- अवलेशपुर के चर्चित व्यापारी जितेंद्र पटेल हत्याकांड का शीघ्र खुलासा करने वाली एसओजी, रोहनिया थाना और वरुणा जोन की संयुक्त टीम का सम्मान, मुठभेड़ में दो बदमाशों को दबोचने वाले पुलिसकर्मियों को मिला नकद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न
पुलिस आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से भविष्य में भी इसी ईमानदारी, समर्पण, पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। जब किसी बड़ी घटना का शीघ्र खुलासा होता है और अपराधियों को समय रहते गिरफ्तार किया जाता है, तब समाज में सुरक्षा का वातावरण मजबूत होता है और अपराधियों में कानून का भय भी बढ़ता है। कमिश्नरेट पुलिस इसी दिशा में लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। पुरस्कार वितरण के दौरान एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक रोहनिया राजू सिंह को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और प्रभावी कार्रवाई के लिए 25-25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले उपनिरीक्षक आयुष पाण्डेय, कांस्टेबल मनीष बघेल, कांस्टेबल अंकित मिश्रा, उपनिरीक्षक भरत चौधरी तथा वरुणा जोन के उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह को 10-10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए।
सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी संयुक्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में त्वरित सूचना संकलन, वैज्ञानिक विवेचना, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रोहनिया व्यापारी हत्याकांड के खुलासे में इन सभी पहलुओं का प्रभावी उपयोग देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस कम समय में पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफल रही। कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सार्वजनिक सम्मान पुलिस बल के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है। इससे पुलिसकर्मियों में नई ऊर्जा का संचार होता है और वे अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। इस सम्मान समारोह ने यह संदेश भी दिया कि वाराणसी कमिश्नरेट अपराध और अपराधियों के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है। अपराध चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, पुलिस पूरी तत्परता, तकनीकी दक्षता और कानूनी मजबूती के साथ कार्रवाई करते हुए दोषियों को न्यायालय तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी, जिससे पूरे पुलिस बल का मनोबल और जनविश्वास दोनों लगातार मजबूत होंगे।

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