विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने यादव के चुनावी वादे को भगवान राम के नाम पर वोट हासिल करने की कोशिश करार देकर खारिज कर दिया। कुमार ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘अखिलेश यादव जी ने एक बहुत अजीब बयान दिया है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो वे अयोध्या नगरी को ‘सियाराम धाम’बना देंगे। चुनाव के दौरान लोग ऐसे वादे करते हैं कि अगर वे जीतेंगे, तो आसमान से तारे तोड़ लाएंगे या धरती पर स्वर्ग उतार देंगे। अयोध्या को ‘सियाराम धाम’ बनाने का यह वादा भी उसी श्रेणी में आता है।’’ कुमार ने कहा, ‘‘अखिलेश जी पूरे कार्यकाल के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि उस दौरान उन्होंने अयोध्या के विकास के लिए क्या किया। उन पांच वर्षों के दौरान, न तो वे दर्शन के लिए अयोध्या आए और न ही इसके विकास के लिए कोई काम किया।’’ कुमार ने कहा कि अयोध्या एक भूले-बिसरे गांव जैसी लगती थी। उन्होंने कहा कि हर जगह धूल, टूटी सड़कें और जर्जर बुनियादी ढांचा था। कुमार ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में कोई सार्थक काम नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब उनके पिता मुलायम सिंह यादव जी मुख्यमंत्री थे, तब अयोध्या में गोलियां चली थीं और कारसेवक मारे गए थे। अब वह कह रहे हैं कि वे इसे ‘सियाराम धाम’ बनाएंगे। लोग उनके पिछले रिकॉर्ड को देखेंगे, तो पाएंगे कि कुछ नहीं किया गया था।’’
नई दिल्ली । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस वादे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या नगरी को ‘सियाराम धाम’ के रूप में विकसित करने की बात कही थी। विहिप का कहना है कि मंदिर नगरी को लेकर उनकी सरकार का पिछला रिकॉर्ड भरोसे लायक नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी इस संस्था ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की भी मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर से हजारों करोड़ रुपये की कीमती चीजें गायब हो गई हैं। विहिप का दावा है कि ऐसे बयानों का मकसद अशांति फैलाना और देश का माहौल खराब करना है। विहिप की यह प्रतिक्रिया यादव के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी की चल रही जांच के बीच कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसके अलावा उन्होंने वादा किया कि अगर राज्य में समाजवादी पार्टी अगली सरकार बनाती है, तो वह अयोध्या नगरी को एक ‘बेमिसाल’ पवित्र शहर के रूप में विकसित करेंगे। यह प्रतिक्रिया तब भी आई, जब कांग्रेस ने राम मंदिर को प्राप्त दान में कथित हेराफेरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और कथित ‘घोटाले’ के लिए जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की बात कही।

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