पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जब दोबारा सुबह करीब साढ़े आठ बजे घेराबंदी की, तो आरोपी हथियार लहराते हुए खेत की ओर भाग निकला। पुलिस द्वारा बारंबार आत्मसमर्पण का आग्रह किए जाने के बावजूद वह पिस्टल फेंकने का नाटक करता रहा और टीम के करीब आने पर दोबारा हथियार उठाकर फायरिंग करता रहा। उसकी एक गोली पुलिस के सरकारी वाहन के बोनेट पर जा लगी। एफआईआर के मुताबिक वह बाएं हाथ में मोबाइल और दाएं हाथ में पिस्टल थामे, गालियां देते हुए पुलिस को लगातार चुनौती देता रहा। अंततः एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने आत्मरक्षा में आरोपी के पैर को निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग की, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल शाहपुर रेफरल अस्पताल भेजा गया, जहां से पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया है कि भरत भूषण का अवैध पिस्टल के साथ एक वीडियो पूर्व में सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था, जिससे वह अत्यधिक आक्रामक और उद्दंड प्रवृत्ति का हो गया था। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि उसके परिजनों को अवैध हथियार रखने की पूर्ण जानकारी थी, बावजूद इसके उन्होंने न केवल पुलिस को सूचना छुपाई, बल्कि उसे संरक्षण भी देते रहे।
भोजपुर, 20 जून। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में हुए पुलिस एनकाउंटर का मामला अब परिजनों तक पहुंच गया है। मुठभेड़ में मारे गए अपराधी भरत भूषण तिवारी के पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी के विरुद्ध पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की हैं। दोनों पर घर में अवैध हथियार रखने तथा भरत भूषण को संरक्षण प्रदान करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 17 जून की सुबह करीब 5 बजकर 10 मिनट पर पुलिस टीम भरत भूषण के घर अवैध हथियार बरामदगी एवं गिरफ्तारी के उद्देश्य से पहुंची थी। घर का दरवाजा खुलते ही आरोपी ने थानाध्यक्ष पर पिस्टल तान दी, जिसके बाद वे तत्काल पीछे हट गए। इसके उपरांत भरत भूषण छत पर चढ़ गया और पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।

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