उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को उसकी वर्तमान गिरावट और संकट से बचाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को व्यवस्था दी कि निर्धारित फुटपाथ पर पैदल चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पैदल चलने के लिए तय किए गए रास्तों पर मोटर वाहनों के मुकाबले इस (पैदल चलने के) अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी और यह अनुच्छेद 19 (1) (डी) के तहत गारंटीकृत आने-जाने की स्वतंत्रता के अधिकार तथा अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार) समेत अन्य मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। न्यायालय ने पैदल चलने संबंधी मौलिक अधिकार के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक नियामक इकाई बनाने की पैरवी भी की।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए शुक्रवार को कहा कि अब मतदान के अधिकार को भी मौलिक अधिकार घोषित करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मौजूदा संकट से बचाने के लिए मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करना बहुत जरूरी है। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने आज यह फैसला सुनाया है कि फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। यह स्वागतयोग्य निर्णय है। अब मतदान के अधिकार को भी मौलिक अधिकार घोषित करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए।’’

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