- हड़ताल के कारण मरीज परेशान, स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाई

सीहोर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी है। हड़ताल के तीसरे दिन जिले के कर्मचारियों ने भगवान श्रीराम और बजरंगबली की आराधना करते हुए सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। गुरुवार को शहर के टाउन हाल स्थित धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनवरी 2026 की गई घोषणा पर अमल नहीं कर रहे अधिकारियों के लिए सद्बुद्धि के लिए आयोजन किया गया। कर्मचारियों ने यह आयोजन मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को 'हनुमानÓ की उपमा दिए जाने और उनकी निष्ठा, समर्पण एवं सेवाभाव की सराहना को याद करते हुए किया। उनका उद्देश्य शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि प्राप्त होने तथा वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण होने के लिए सामूहिक प्रार्थना करना था। इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे। जिसमें कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से संविदा कर्मियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक समाधान की अपेक्षा जताई। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति, अधिकारी या विभाग के विरुद्ध नहीं है। यह अपने अधिकारों, सम्मानजनक भविष्य और सेवा सुरक्षा की मांग के लिए किया जा रहा है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को राहत मिल सकेगी। इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
ये हैं प्रमुख मांगे-
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी संविदा कर्मचारियों को मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में की गई घोषणा के अनुसार नियमितीकरण का लाभ प्रदान किया जाए।
सामान्य प्रशासन विभाग की वर्ष 2023 की संविदा नीति के अनुरूप एन.पी.एस. एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
प्राप्त वेतन पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि प्रदान की जाए।
नियमित कर्मचारियों की भांति महंगाई भत्ता दिया जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पी.बी.आई. राशि को समायोजित किया जाए।
सभी संविदा कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों का पुन: परीक्षण कर संशोधन किया जाए।
नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधाएं प्रदान की जाएं।
शासन की मंशा के अनुरूप 'समान कार्य के लिए समान वेतन एवं सुविधाएंÓ सुनिश्चित की जाएं।
वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायित्व प्रदान किया जाए।
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