नई दिल्ली। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होने के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की यह प्रक्रिया पूरी तरह ‘‘अपारदर्शी’’ है। आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने उन मुद्दों का ज़िक्र किया जो पार्टी ने 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के समय उठाए थे। आप कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारद्वाज ने कहा, ‘‘हमने पहले भी निर्वाचन आयोग से उन लोगों के नामों की सूची मांगी है जिनके नाम हटा दिए गए, साथ ही उनके पते भी मांगे हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। हम यह सत्यापित नहीं कर सकते कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए, वे असल में वहां (मतदाता सूची में दिए गए पते पर) रहते हैं या नहीं।’’ भारद्वाज ने कहा, ‘‘पूरी एसआईआर प्रक्रिया की योजना इस तरह से बनाई गई है कि इसमें कोई पारदर्शिता नहीं है।’’ दिल्ली में मंगलवार को मतदाता सूची के एसआईआर की शुरुआत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना गणना प्रपत्र भरा और लोगों से लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए इस प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी के 70 विधानसभा क्षेत्रों में महीने भर चलने वाले मतदाता सूची सत्यापन अभियान के तहत, 13,000 से ज़्यादा बूथ-लेवल अधिकारियों ने मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटना शुरू कर दिया है। अगर कोई मतदाता 2002 के बाद दिल्ली में बस गया है, तो उसे अपने मूल राज्य के पिछले एसआईआर की जानकारी देनी होगी, जहां वह मतदाता के तौर पर पंजीकृत था।
मंगलवार, 30 जून 2026
दिल्ली : विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव : आम आदमी पार्टी
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