सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 29 जून 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

  • शिव की शरण में आने वाला कभी निराश नहीं लौटता, महादेव हर भक्त का कल्याण करते हैं : अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा

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सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर नियमित रूप से हजारों की संख्या में श्रद्धालु ने वट पूर्णिमा के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर में पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती के अलावा भगवान श्रीराम-माता सीता और श्रीकृष्ण और राधा विराजमान है। भव्य मंदिर में नियमित रूप से भगवान का श्रृंगार और आरती की जाती है। वहीं शाम की आरती के पश्चात अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा श्रद्धालुओं के मध्य पहुंचे। इस मौके पर समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य मौजूद थे। सोमवार को हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने धाम की पावन भूमि पर विशेष पूजा अर्चना की और बाबा का एक लोटा जल समर्पित किया। यहां पर आए श्रद्धालुओं से पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि भगवान शिव करुणा, विश्वास और अटूट आस्था के केंद्र हैं। जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करता है, उस पर महादेव की कृपा सदैव बनी रहती है और उसके जीवन में सुख, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की निष्कपट भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और निर्मल मन प्रिय है। एक लोटा जल, कुछ बेलपत्र और सच्चे मन से किया गया स्मरण भी महादेव को प्रसन्न कर देता है।


सुख-सुविधाओं के बीच मानसिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रहा

आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के बीच मानसिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे समय में भगवान शिव की भक्ति व्यक्ति को धैर्य, संयम और आत्मबल प्रदान करती है। शिव की आराधना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। भगवान शिव का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा और लोककल्याण का संदेश देता है। उन्होंने समुद्र मंथन से निकले विष को स्वयं ग्रहण कर संसार की रक्षा की। यह हमें सिखाता है कि समाज और मानवता के हित में त्याग और सेवा का भाव रखना ही सच्ची शिव भक्ति है। शिवलिंग का जलाभिषेक करने तथा जरूरतमंदों की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जहां शिव का स्मरण होता है, वहां भय नहीं, बल्कि विश्वास और कल्याण का वास होता है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अभिषेक कर परिवार, समाज और विश्व के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरा परिसर  हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। प्रतिदिन धाम पर 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जाती है। सोमवार को भी करीब 10 क्विंटल से अधिक खिचड़ी और भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। 

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