भूख हड़ताल शुरू करने से पहले वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। दीपके ने पहले भी किसानों, छात्रों और संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग का समर्थन करने की अपील की है। रविवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है। सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जून को जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान दीपके ने आरोप लगाया था कि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे को लेकर व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें