दिल्ली : भारत का लक्ष्य हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाना है : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 28 जून 2026

दिल्ली : भारत का लक्ष्य हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाना है : मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चित हो और जहां साझेदारी का आधार देशों का आकार नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास हो। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है।’’ दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है। इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है।’’


उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को अधिक मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे। भारत और सेशेल्स के बीच संपर्क को और बेहतर बनाने के लिए भी काम किया जाएगा।’’ इससे पहले, राष्ट्रपति हर्मिनी ने स्टेट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है, जिसकी नींव साझा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच परस्पर संबंधों पर आधारित है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स, भारत के ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) तथा ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।

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