नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसांख्यिकी में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को शनिवार को निर्देश दिया कि वह सीमावर्ती जिलों में जनसंख्या के स्वरूप में आए परिवर्तनों का विस्तृत अध्ययन करे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने यह भी कहा कि समिति अवैध प्रवासन और अन्य अस्वाभाविक कारणों से हो रहे बदलावों का आकलन करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों, महानगरों तथा औद्योगिक नगरों का दौरा करे। गृह मंत्रालय ने देशभर में घुसपैठ और अन्य अस्वाभाविक कारणों से हो रहे जनसंख्या संबंधी परिवर्तनों का मूल्यांकन करने तथा इन चुनौतियों से निपटने के उपाय सुझाने के लिए इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नाओलकर हैं। समिति में जनगणना आयुक्त तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव तथा डॉ. शमिका रवि सदस्य हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेशी-1) इस समिति के सदस्य सचिव हैं। पिछले महीने समिति के गठन की घोषणा करते हुए शाह ने कहा था कि जनसंख्या संरचना में बदलाव एक गंभीर विषय है, जो केवल देश की संप्रभुता से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक ढांचे में गहरे परिवर्तनों तथा जनजातीय समाज के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा था, ‘‘यह समिति अवैध घुसपैठ और अन्य अस्वाभाविक कारणों से भारत में हो रहे जनसंख्या संबंधी परिवर्तनों का व्यापक आकलन करेगी, धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर होने वाले असामान्य जनसंख्या परिवर्तन के स्वरूप का विश्लेषण करके इसके लिए योजनाबद्ध तथा समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।”
शनिवार, 13 जून 2026
दिल्ली : अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव का अध्ययन करने का निर्देश दिया
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