दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को ‘कमतर’ किया है : खरगे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 14 जून 2026

दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को ‘कमतर’ किया है : खरगे

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “चुप्पी” को लेकर रविवार को उनपर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इसके लिए कोई सबूत की आवश्यकता नहीं है कि उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को “कमतर” किया है। खरगे ने आरोप लगाया कि भारत के राष्ट्रीय हित रोज़ाना “समर्पित” किए जा रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा, “ओमान में अमेरिकी कार्रवाई में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के शव भारत लाये जा रहे हैं, ऐसे में मैं इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करता हूं।”  उन्होंने कहा, “इस दुखद घटना के तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक बयान या संवेदना संदेश नहीं आया है। देश को इसकी प्रतीक्षा थी, मोदी जी।” खरगे ने कहा, ‘‘आपने ‘देश नहीं झुकने दूंगा’ की बात कही थी, लेकिन अब यह साबित करने की जरूरत नहीं कि आपने भारत की वैश्विक स्थिति और संप्रभुता को कमतर किया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के राष्ट्रीय हित रोजाना “समर्पित” किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “और आप इस ‘विश्वगुरु’ का विमर्श गढ़कर कड़वे सच को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत वास्तव में ‘विश्वगुरु’ तब था जब वह रणनीतिक स्वायत्तता रखता था और गुटनिरपेक्ष नीति अपनाता था। तब दुनिया हमारी बात सुनती थी।” 

 

खरगे ने कहा कि विदेश नीति के मामलों में भारतीय नागरिकों के जीवन को गौण बात के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब गंभीर सवाल अनुत्तरित हैं, तब “चुप्पी जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकती।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश को स्पष्टता चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ओमान के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद मोदी सरकार की चुप्पी शर्मनाक है।” प्रियंका गांधी ने कहा, “अफसोस जताने या माफी मांगने के बजाय अमेरिका धमकी और आदेशों की भाषा अपना रहा है। भारत को यह स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वह एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है।” उन्होंने कहा, “लेकिन हमारे कमजोर प्रधानमंत्री नागरिकों और देश की संप्रभुता दोनों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।” ये टिप्पणियां तब आयी है, जब एक दिन पहले अमेरिका ने भारत से कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उसकी नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में यह बात कही, जो शुक्रवार को भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए हुई थी।

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