खरगे ने कहा कि विदेश नीति के मामलों में भारतीय नागरिकों के जीवन को गौण बात के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि जब गंभीर सवाल अनुत्तरित हैं, तब “चुप्पी जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकती।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश को स्पष्टता चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ओमान के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद मोदी सरकार की चुप्पी शर्मनाक है।” प्रियंका गांधी ने कहा, “अफसोस जताने या माफी मांगने के बजाय अमेरिका धमकी और आदेशों की भाषा अपना रहा है। भारत को यह स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वह एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है।” उन्होंने कहा, “लेकिन हमारे कमजोर प्रधानमंत्री नागरिकों और देश की संप्रभुता दोनों की रक्षा करने में विफल रहे हैं।” ये टिप्पणियां तब आयी है, जब एक दिन पहले अमेरिका ने भारत से कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में उसकी नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में यह बात कही, जो शुक्रवार को भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए हुई थी।

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