- 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने वालों का राशन कार्ड रद्द हुआ तो 90 फीसदी कार्डधारक होंगे प्रभावित : सुरेंद्र
- चुनाव से पहले 32 लाख परिवारों को राशन कार्ड मिला, अब 57 लाख नाम काटने की तैयारी गरीब विरोधी- ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह

ताजपुर/समस्तीपुर (संवाददाता), 3 जुलाई । अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) द्वारा ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर बांसवाड़ी में शुक्रवार को सदस्यता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि सरकार 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाने वाले लोगों का राशन कार्ड रद्द करती है तो इसका असर लगभग 90 प्रतिशत राशन कार्डधारकों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने 32 लाख परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिससे पूर्ववर्ती सरकार को राजनीतिक लाभ भी मिला, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद अब 57 लाख से अधिक परिवारों का नाम राशन कार्ड सूची से हटाने की तैयारी की जा रही है। यह गरीबों और जरूरतमंदों के साथ अन्याय है। किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य में भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने के लिए कानून मौजूद है, बावजूद इसके सरकार भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों, खेत मजदूरों और वंचित तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए खेग्रामस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान को तेज करने तथा राशन कार्ड, वासभूमि, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। अभियान का नेतृत्व भाकपा (माले) प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह एवं शंकर महतो ने किया। मौके पर ग्रामीणों से बड़ी संख्या में खेग्रामस की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
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