- पत्रकारों के अधिकारों की जंग तेज, सीजेए ने किया राष्ट्रव्यापी अभियान का ऐलान
- बैठक में संस्थापिका पुष्पा पांड्या सहित अन्य पदाधिकारियों ने भरा जोश
- पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन, सम्मान निधि, टोल फ्री सुविधा और पत्रकार भवन की होगी मांग

फतेहपुर (संवाददाता)। साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) की ऑनलाइन राष्ट्रीय बैठक में संगठन के विस्तार, पत्रकारों के हितों और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना तथा पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति तैयार करना रहा। बैठक का संचालन संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने किया। बैठक में संस्थापिका पुष्पा पांड्या, संरक्षक पीयूष त्रिपाठी, सलाहकार मंजू सुराणा एवं आशीष तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवनीत रावत, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अश्वनी श्रीवास्तव, फतेहपुर जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष मोहम्मद जफर सिद्दीकी, प्रयागराज टीम से समीर अहमद एवं अफरोज अहमद, प्रतापगढ़ टीम से नोमान और सानू सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता करते हुए संगठन विस्तार और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। बैठक को संबोधित करते हुए संस्थापिका पुष्पा पांड्या ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पत्रकारिता के संरक्षण एवं संवर्धन को समय की आवश्यकता बताते हुए संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने सभी प्रदेश, जिला एवं इकाई अध्यक्षों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सभी जिलों में जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाए। ज्ञापन के माध्यम से मीडिया को संवैधानिक रूप से लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करने, मीडिया आयोग के गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकार सम्मान निधि शुरू करने, प्रत्येक जनपद एवं तहसील स्तर पर पत्रकार भवन निर्माण, पत्रकारों के लिए मानदेय एवं पेंशन व्यवस्था लागू करने, टोल टैक्स से छूट देने तथा पात्र पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर लाभ उपलब्ध कराने की मांग उठाई जाएगी। इसके अलावा पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं निशुल्क अथवा अत्यंत रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की भी मांग की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकार अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर शीघ्र ही "पत्रकार सम्मान यात्रा" निकाले जाने की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, नए सदस्यों को जोड़ने तथा पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान विभिन्न राज्यों और जिलों से जुड़े अनेक पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे।
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