इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहभागिता समय की आवश्यकता है। अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक निर्माण तकनीकों, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा शोध एवं नवाचार के नए अवसर प्रदान करेगी। यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष एवं आत्मविश्वासी अभियंता बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के क्षेत्रीय तकनीकी प्रमुख श्री शौनक राय ने अपने संबोधन में कहा, "उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग ही भविष्य के कुशल अभियंताओं के निर्माण की आधारशिला है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को नवीनतम निर्माण तकनीकों, गुणवत्ता मानकों एवं व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है, ताकि वे उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।" कार्यक्रम में डीन अकादमिक डॉ. शशि, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. चौधरी तथा अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के श्री ओम प्रकाश गौतम (सेल्स हेड, दरभंगा), श्री सुदिष्ट कुमार (CRM, दरभंगा), श्री रविन्द्र कुमार (टेक्निकल मैनेजर, दरभंगा) एवं श्री शिवम साह (टेक्निकल मैनेजर, मधुबनी) सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक निर्माण सामग्री एवं तकनीकों पर प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी कार्यशालाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, इंटर्नशिप, उद्योग भ्रमण, अनुसंधान सहयोग तथा कौशल विकास के विविध अवसर उपलब्ध होंगे। यह पहल उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा बिहार में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
दरभंगा, 16 जुलाई : तकनीकी शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय, दरभंगा एवं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के मध्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) की स्थापना हेतु आज समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख तकनीकी शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आधुनिक निर्माण तकनीकों से जोड़ना है। कार्यक्रम का शुभारंभ जलार्पण समारोह के साथ हुआ, जो ज्ञान, नवाचार एवं सतत विकास के प्रतीक के रूप में आयोजित किया गया। इसके पश्चात दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की औपचारिक घोषणा की गई।

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