इसी सोच के साथ गो स्टडी ओवरसीज की शुरुआत हुई। संस्था का उद्देश्य है कि हर छात्र कम खर्च में विदेश से अच्छी पढ़ाई कर सके। गो स्टडी ओवरसीज छात्रों को इटली, जर्मनी, आयरलैंड, फ्रांस और दुबई जैसे देशों में एडमिशन दिलाने में मदद करता है। साथ ही, यूनिवर्सिटी चुनने, स्कॉलरशिप, डॉक्यूमेंट्स, वीज़ा और पूरी एडमिशन प्रक्रिया में छात्रों और उनके परिवारों का पूरा मार्गदर्शन भी करता है। यदि बात इटली की करें, तो यहाँ कई सरकारी यूनिवर्सिटीज़ में योग्य छात्रों को 100% स्कॉलरशिप मिलती है। ट्यूशन फीस नहीं देनी पड़ती और रहने के खर्च के लिए 8 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप भी मिल सकती है। ऐसे में, कई छात्र सिर्फ 2 से 3 लाख रुपए के कुल खर्च में अपनी मास्टर्स की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
पिछले तीन सालों में गो स्टडी ओवरसीज ने देशभर के 100 से ज्यादा छात्रों को विदेश में पढ़ाई का मौका दिलाया है। संस्था का मानना है कि सही जानकारी और सही मार्गदर्शन मिले, तो विदेश में पढ़ाई सिर्फ बड़े बजट वालों के लिए नहीं, बल्कि हर मध्यमवर्गीय परिवार के लिए भी संभव है। इस पहल की शुरुआत अमित बुखारिया ने की। भारत में बढ़ती शिक्षा लागत को करीब से देखने के बाद उन्होंने कम खर्च में विदेश में पढ़ाई के विकल्पों पर काम शुरू किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बेटे आदित्य बुखारिया को भी मास्टर्स के लिए इटली भेजा। स्कॉलरशिप मिलने के बाद पूरी पढ़ाई का कुल खर्च सिर्फ 2 से 3 लाख रुपए के आसपास आया। इसके बाद उनका विश्वास और मजबूत हो गया कि सही जानकारी और सही मार्गदर्शन के साथ विदेश में पढ़ाई हर मध्यमवर्गीय परिवार की पहुँच में हो सकती है। यदि आप भी अपने बच्चे को मास्टर्स के लिए विदेश भेजने की योजना बना रहे हैं और कम खर्च में स्कॉलरशिप के साथ पढ़ाई के विकल्प जानना चाहते हैं, तो गो स्टडी ओवरसीज से संपर्क कर सकते हैं। संस्था का कार्यालय इंदौर के साउथ तुकोगंज में एमएसजे हाउस की तीसरी मंजिल पर स्थित है, जहाँ छात्रों को एडमिशन, स्कॉलरशिप, वीज़ा और पूरी प्रक्रिया में विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाता है।

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