ज्योतिष सम्मेलन में 18 राज्यों से लगभग 450 ज्योतिषाचार्यों ने भाग लिया। जिसमें सभी विषयों पर शोध पत्र पढ़कर विशेष जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन ज्योतिषाचार्य डॉ. निलिम्प त्रिपाठी ने किया। सम्मेलन में दतिया महाराजा राहुल देव, डॉ. नंदकिशोर पुरोहित, ज्योतिषाचार्य रामदयाल पांडेय, सगुन नागर, राजस्थान, प्रमोद शास्त्री, सागर, रामजीवन दुबे गुरुजी, डॉ. जयप्रकाश पालीवाल, नारायण व्यास, आचार्य अनंत कुमार मिश्रा, मंहत मणिदास महाराज, धनेश प्रपन्नचार्य, मुन्नालाल मिश्रा, सेवानिवृत्त कर्नल एचपी द्विवेदी, आनंद शिव मेहता, इंदौर , महामंडलेश्वर रामशंकर तिवारी, पंडित प्रकाश गौड़ आदि शामिल हुए।
सीहोर। राजधानी भोपाल में मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) सभागार नेहरू नगर आयोजित दो दिवसीय सप्तम कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष-विज्ञान सम्मेलन समापन का आयोजन किया गया। इस मौके पर सीहोर से पहुंचे ज्योतिषाचार्य पंडित कुणाल व्यास का सम्मान किया गया। सम्मेलन के संयोजक, ज्योतिष मठ संस्थान के संचालक एवं ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम ने बताया कि लोगों के मन में ज्योतिष को लेकर भ्रम है। कई ऐसी भी ज्योतिष विद्याएं हैं, जिनके बारे में अभी लोगों को ज्यादा समझ नहीं है। इसलिए लोग अक्सर गलत लोगों से जुड़ जाते हैं। जबकि इन लोगों से जातकों को सावधान रहना चाहिए। इस मौके पर पंडित श्री व्यास ने कहाकि ज्योतिष विद्या अपडेट हुई है। पहले हम काफी गणना करते थे, बाकी सब चीजें करने में भी समय लगता था। एआई ने समय हमारा बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हम एआई पर भरोसा नहीं कर सकते। क्योंकि सही गणना केवल खुद से होती है। सटीक जवाब आपको खुद गणना करने से ही मिलता है। लोग भी एआई पर अभी उतना विश्वास नहीं करते हैं।

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