वाराणसी : काशीवासियों को बड़ी सौगात : अब 'काशी द्वार' से पूरे दिन होंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 13 जुलाई 2026

वाराणसी : काशीवासियों को बड़ी सौगात : अब 'काशी द्वार' से पूरे दिन होंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

  • द्वार संख्या 4-बी से सुबह 4:15 से रात 10:45 बजे तक मिलेगा प्रवेश, श्रावण में सभी श्रद्धालु सामान्य कतार से करेंगे दर्शन
  • इस अवधि में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सभी प्रकार की विशेष दर्शन व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल स्थगित रहेंगे

Kashi-darshan
वाराणसी (सुरेश गांधी). श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने काशीवासियों को बड़ी राहत देते हुए 'काशी द्वार' (द्वार संख्या 4-बी) से पूरे दिन दर्शन की सुविधा शुरू कर दी है। अब स्थानीय श्रद्धालु सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक इस द्वार से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि यह व्यवस्था विशेष पर्वों और श्रावण मास के दौरान लागू नहीं होगी। श्रावण में सभी श्रद्धालुओं के लिए एक समान दर्शन व्यवस्था रहेगी और किसी भी प्रकार का विशेष दर्शन प्रोटोकॉल प्रभावी नहीं होगा। मंदिर न्यास के अनुसार वर्ष 2024 में द्वार संख्या 4-बी को 'काशी द्वार' के रूप में चिन्हित किया गया था। अब तक यहां प्रतिदिन सुबह 4 से 5 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक ही स्थानीय लोगों को विशेष दर्शन की सुविधा मिलती थी। नई व्यवस्था के तहत मंदिर खुलने के 15 मिनट बाद से लेकर बंद होने के 15 मिनट पहले तक काशीवासी इस द्वार से प्रवेश कर सकेंगे।


इस विस्तारित व्यवस्था के पहले ही दिन 8 जुलाई को 8,688 काशीवासियों ने बाबा के दर्शन किए, जबकि 9 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक ही 5,196 श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा चुके थे। इससे स्पष्ट है कि नई व्यवस्था को स्थानीय श्रद्धालुओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। श्रावण मास को लेकर मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सभी प्रकार की विशेष दर्शन व्यवस्थाएं और प्रोटोकॉल स्थगित रहेंगे। दर्शन केवल सामान्य कतार व्यवस्था के अनुसार ही कराए जाएंगे। भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालुओं को कई चरणों में बनाई गई 6 से 8 कतारों से होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ सकता है, ताकि सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनी रहे। मंदिर न्यास का कहना है कि उसका उद्देश्य काशीवासियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है। नई व्यवस्था से सामान्य दिनों में स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी, जबकि श्रावण में समान और नियंत्रित व्यवस्था के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन सुनिश्चित किए जाएंगे। 

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