- भगवान शिव को बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि निष्कपट भक्ति और निर्मल हृदय प्रिय : अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा
शनिवार को अपने प्रवचन के दौरान पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि भगवान शिव विश्वास का प्रतीक हैं। जो भक्त सच्चे मन, अटूट श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ का स्मरण करता है, उसके जीवन में आने वाले बड़े से बड़े संकट भी महादेव की कृपा से दूर हो जाते हैं। भगवान शिव को बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि निष्कपट भक्ति और निर्मल हृदय प्रिय है। उन्होंने कहा कि जब भक्त का विश्वास अडिग होता है, तब भगवान शिव स्वयं उसके जीवन का मार्गदर्शन करते हैं और हर कठिन परिस्थिति में उसका साथ निभाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में सुख-दुख, लाभ-हानि और कठिनाइयां आती रहती हैं, लेकिन जो व्यक्ति महादेव पर विश्वास बनाए रखता है, वह कभी निराश नहीं होता। विश्वास ही भक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है और भगवान शिव उस विश्वास का सबसे बड़ा आधार हैं।

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