सीहोर : कुबेरेश्वरधाम में चांदी के आभूषणों से हुआ भगवान का दिव्य श्रृंगार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 6 जुलाई 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम में चांदी के आभूषणों से हुआ भगवान का दिव्य श्रृंगार

  • भगवान शिव-पार्वती, श्रीराम-सीता एवं राधा-कृष्ण के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु, विठलेश सेवा समिति ने वितरित की निशुल्क प्रसादी

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल कुबेरेश्वरधाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान श्रीराम-माता सीता एवं भगवान श्रीकृष्ण-राधारानी का चांदी के आभूषणों से भव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सहित अन्य ने यहां पर विराजमान भगवानों का चांदी के आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया। दिव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं हजारों की संख्या में आए शिव भक्तों को विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने भोजन प्रसादी का वितरण किया। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कारण सीहोर की पावन भूमि विश्व के करोड़ों शिव भक्तों की आस्था का केन्द्र है और यहां पर आने वाले शिव भक्त आस्था और उत्साह के साथ एक लोटा जल से भगवान शिव की पूजा अर्चना करते है। कुबेरेश्वरधाम में भगवान के चांदी के आभूषणों से सजे दिव्य स्वरूप के दर्शन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रेरणादायी संदेश और विठलेश सेवा समिति की नि:स्वार्थ सेवा ने इस धार्मिक आयोजन को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया।


सोमवार को मंदिर परिसर में भगवान के मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। चांदी के मुकुट, हार, आभूषण एवं अन्य अलंकरणों से सुसज्जित भगवान के विग्रहों ने भक्तों का मन मोह लिया। पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव तथा जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। वहीं सुबह अपने प्रवचनों के माध्यम से यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहाकि भगवान की सच्ची भक्ति से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। जब जीवन में श्रद्धा, विश्वास और सेवा का भाव होता है, तब भगवान की कृपा स्वत: प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की आराधना के साथ मानव सेवा भी उतनी ही आवश्यक है और यही सनातन धर्म का मूल संदेश है। धाम में दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए विठलेश सेवा समिति द्वारा निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने अनुशासित ढंग से प्रसादी ग्रहण की और समिति के सेवा कार्यों की सराहना की। समिति के स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान भोजन वितरण, दर्शन व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का दायित्व संभाला। श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर परिवार, समाज और विश्व के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरे दिन कुबेरेश्वरधाम में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा।

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