- भगवान शिव-पार्वती, श्रीराम-सीता एवं राधा-कृष्ण के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु, विठलेश सेवा समिति ने वितरित की निशुल्क प्रसादी
सोमवार को मंदिर परिसर में भगवान के मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। चांदी के मुकुट, हार, आभूषण एवं अन्य अलंकरणों से सुसज्जित भगवान के विग्रहों ने भक्तों का मन मोह लिया। पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव तथा जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। वहीं सुबह अपने प्रवचनों के माध्यम से यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहाकि भगवान की सच्ची भक्ति से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। जब जीवन में श्रद्धा, विश्वास और सेवा का भाव होता है, तब भगवान की कृपा स्वत: प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की आराधना के साथ मानव सेवा भी उतनी ही आवश्यक है और यही सनातन धर्म का मूल संदेश है। धाम में दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए विठलेश सेवा समिति द्वारा निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने अनुशासित ढंग से प्रसादी ग्रहण की और समिति के सेवा कार्यों की सराहना की। समिति के स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान भोजन वितरण, दर्शन व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का दायित्व संभाला। श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर परिवार, समाज और विश्व के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरे दिन कुबेरेश्वरधाम में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा।

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