सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर जारी कांवड यात्रा की तैयारियां, आन लाइन शिव महापुराण कथा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 14 जुलाई 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर जारी कांवड यात्रा की तैयारियां, आन लाइन शिव महापुराण कथा

  • समय का सदुपयोग कर भगवान का चिंतन करें, मानव जीवन बड़े सौभाग्य से मिलता है : कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा
  • ऑनलाइन कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा एवं पंडित राघव मिश्रा के प्रेरक प्रवचन

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सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर ऑनलाइन शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, समय के महत्व और भगवान शिव की भक्ति पर आधारित प्रेरणादायी संदेश दिए जा रहे है, कथा का सीधा प्रसारण देश-विदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से देखा और श्रवण किया। शनिवार को आन लाइन कथा के दौरान अपने प्रवचन में कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि मानव जीवन बड़े सौभाग्य से प्राप्त होता है। इसलिए इस अमूल्य जीवन का सदुपयोग भगवान के चिंतन, सत्कर्म और सेवा में करना चाहिए। बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता, इसलिए प्रत्येक क्षण को प्रभु स्मरण में लगाना ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता है। इधर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहाकि भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। यह हमें सिखाता है कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए धैर्य, समर्पण, सत्य और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं। जो व्यक्ति सत्य, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलता है, उस पर भगवान की कृपा अवश्य होती है। श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। भगवान शिव बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निष्कपट भाव और अच्छे कर्मों को स्वीकार करते हैं। उन्होंने सभी से प्रतिदिन भगवान का स्मरण करने और मानव सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। भगवान शिव जैसा दयालु करुणा के सागर कोई और देवता नहीं है। चंचुला नाम की स्त्री को जब संत का संग मिला वह शिव धाम की अनुगामिनी बनी। एक घड़ी के सत्संग की तुलना स्वर्ग की समस्त संपदा से की गई है। भगवान शिव भी सत्संग का महत्व मां पार्वती को बताते हुए कहते हैं कि उसकी विद्या, धन, बल, भाग्य सब कुछ निरर्थक है जिसे जीवन में संत की प्राप्ति नहीं हुई।


जीवन का प्रत्येक दिन किसी न किसी अच्छे कार्य के लिए समर्पित करना चाहिए

इस अवसर पर पंडित राघव मिश्रा ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन का प्रत्येक दिन किसी न किसी अच्छे कार्य के लिए समर्पित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और भगवान पर अटूट विश्वास जीवन को सफल बनाते हैं। जब मनुष्य स्वयं को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करता है, तभी वह समाज और राष्ट्र के लिए भी उपयोगी बनता है। कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, सनातन धर्म, सेवा, संस्कार और सदाचार से जुड़े अनेक प्रसंगों का वर्णन किया गया। देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से कथा का श्रवण कर भगवान शिव का स्मरण किया और  हर-हर महादेव के जयघोष के साथ वातावरण भक्तिमय बना दिया।

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