स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. शशांक सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि जिन विद्यार्थियों के पास नवीन एवं उपयोगी विचार हैं, उनके लिए स्टार्टअप सेल सदैव मार्गदर्शन, मेंटरशिप एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी दृष्टिकोण अपनाकर समस्याओं का समाधान विकसित करने तथा संस्थान एवं सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कुमार हार्दिक, जिला स्टार्टअप कॉर्डिनेटर, मधुबनी ने प्रतिभागियों को निवेशकों के समक्ष प्रभावशाली प्रस्तुति (Pitching) के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एक सशक्त पिच निवेश, मेंटरशिप एवं व्यावसायिक अवसर प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बिहार स्टार्टअप नीति-2022 के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं, जैसे मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, वित्तीय सहायता एवं अन्य प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के महाप्रबंधक श्री अमित विक्रम भारद्वाज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग राज्य के उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न एमएसएमई योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी प्रत्येक उद्यमी को सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के माध्यम से हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेगा। कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों एवं नवोदित उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने तथा उनके विचारों को सफल स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
मधुबनी, 28 जुलाई (रजनीश के झा) । स्टार्टअप सेल, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (GEC), मधुबनी द्वारा स्टार्टअप बिहार, उद्योग विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से "पिच डेक प्रिपरेशन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नवोदित उद्यमियों को निवेशकों के समक्ष अपने स्टार्टअप विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की आवश्यक तकनीकों एवं कौशल से परिचित कराना था। कार्यशाला की मुख्य वक्ता प्रो. प्रिया नाथ, फैकल्टी सी.आई.एम.पी एवं कार्यकारी निदेशक, TiE Patna रहीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में एक प्रभावशाली एवं निवेशक-अनुकूल पिच डेक की संरचना, उसके प्रमुख घटकों तथा स्टार्टअप की समस्या, समाधान, बाजार, वित्तीय योजना एवं विकास की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उनके व्यावहारिक उदाहरणों एवं अनुभवों ने प्रतिभागियों को अत्यंत प्रेरित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी रचनात्मक सोच एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से देश निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं तथा समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान विकसित कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बन सकते हैं।

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