निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ तथा आठ बार अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) विजेता वीएफएक्स स्टूडियो DNEG द्वारा निर्मित, यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से बनी रामायण पार्ट 1 दीवाली 2026 पर विश्वभर में रिलीज होगी। इस फिल्म का वैश्विक वितरण सोनी पिक्चर्स द्वारा तथा उत्तर भारत में धर्मा प्रोडक्शन्स द्वारा किया जाएगा।
नमित मल्होत्रा की रामायण में प्रशंसित निर्देशक नितेश तिवारी का निर्देशन है, जिनकी फिल्मों ने वैश्विक स्तर पर दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित किया है। इस फिल्म में भारतीय सिनेमा की विभिन्न पीढ़ियों के उत्कृष्ट कलाकारों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। अरुण गोविल—जिनकी राम की भूमिका आज भी जनमानस में अमिट है—इस बार राजा दशरथ के रूप में नजर आएंगे। शोभना कैकेयी, अजिंक्य देव ऋषि विश्वामित्र, कुणाल कपूर इंद्र देव, रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में अपनी-अपनी भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस प्रभावशाली कलाकारों की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं सुपरस्टार रणबीर कपूर, जो भगवान राम के रूप में एक ऐसे आदर्श चरित्र को साकार कर रहे हैं जो सदियों से प्रेरणा का स्रोत रहा है; साई पल्लवी, जो माता सीता के रूप में इस पूजनीय किरदार में गरिमा, शक्ति और करुणा का समावेश करती हैं; तथा पैन-इंडिया सुपरस्टार यश, जो इस फिल्म के सह-निर्माता भी हैं, रावण के रूप में—एक ऐसा चरित्र जो सिनेमा के सबसे जटिल और शक्तिशाली प्रतिपक्षियों में गिना जाता है। पुरस्कार विजेता लेखक श्रीधर राघवन द्वारा रूपांतरित इस फिल्म में अब तक का सबसे व्यापक ईस्ट-वेस्ट सहयोग देखने को मिलेगा, जिसमें संगीत ऑस्कर विजेता हंस ज़िमर और ए.आर. रहमान द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह संपूर्ण प्रयास नमित मल्होत्रा के उस दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत की श्रेष्ठ प्रतिभाओं को विश्व-स्तरीय फिल्मकारों, तकनीशियनों और रचनात्मक विशेषज्ञों के साथ एकजुट कर इस कालजयी कथा को अभूतपूर्व पैमाने, प्रामाणिकता और सिनेमाई भव्यता के साथ वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। नमित मल्होत्रा, निर्माता एवं क्रिएटिव आर्किटेक्ट, ने कहा “रामायण केवल एक महान महाकाव्य नहीं है; यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हम इसे जीते हैं, मनाते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं। हर वर्ष दशहरा और दिवाली हमें यह स्मरण कराते हैं कि इसका संदेश आज भी करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन करता है अंधकार पर प्रकाश की और अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में।
विश्व फिल्म उद्योग में वर्षों तक कार्य करते हुए मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि भारत की महान कहानियों को विश्व के सबसे बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। आज हमारे पास वह कला, तकनीक, कौशल और सामूहिक दृष्टि है, जिसके माध्यम से हम इस सांस्कृतिक विरासत को उसकी पूर्ण भव्यता और प्रामाणिकता के साथ वैश्विक दर्शकों तक पहुँचा सकते हैं। यह केवल एक फिल्म की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व के साथ साझा करने की एक नई यात्रा की शुरुआत है। भारत ने इस कथा को सदैव जिया है अब इसे दुनिया के साथ साझा करना हमारा सौभाग्य है।” नितेश तिवारी, निर्देशक, ने कहा “रामायण महान इसलिए है क्योंकि इसमें निहित मूल्य कालातीत हैं, न कि केवल इसके विशाल स्वरूप के कारण। एक फिल्मकार के रूप में मुझे इसे सार्वभौमिक बनाने की आवश्यकता कभी महसूस नहीं हुई यह पहले से ही सार्वभौमिक है। मेरी जिम्मेदारी इसे पूर्ण ईमानदारी, प्रामाणिकता और श्रद्धा के साथ प्रस्तुत करने की रही है। लेखन, अभिनय, प्रोडक्शन डिजाइन, संगीत, विजुअल इफेक्ट्स और हर एक फ्रेम हमारे प्रत्येक रचनात्मक निर्णय का उद्देश्य केवल यही रहा है कि इस महान विरासत को गरिमा और सम्मान के साथ प्रस्तुत किया जाए, साथ ही इसे श्रेष्ठतम सिनेमाई शिल्प के माध्यम से दर्शाया जाए। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों, तकनीशियनों और रचनाकारों के साथ इस दृष्टि को साकार करना मेरे लिए जीवन का एक अनमोल अनुभव रहा है। मुझे आशा है कि दर्शक रामायण में केवल इसकी भव्यता ही नहीं, बल्कि इसकी भावनाओं, मानवता और उस शाश्वत आत्मा को भी अनुभव करेंगे, जिसने इसे हजारों वर्षों तक जीवित रखा है।”

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