मधुबनी (रजनीश के झा), 08 जुलाई। नागरिक सुविधाओं को डिजिटल, सरल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स भुगतान मॉड्यूल का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर 05 होल्डर्स के द्वारा यूपीआई पैमेंट के माध्यम से अपना होल्डिंग टैक्स जमा कराया गया। जिसमें मनीष कुमार ने 39 हजार 984 रु., सुरेश्वर साफी ने 7 सौ 57 रु., रामचंद्र महतो ने 2 हजार 112 रु., इंद्रा झा ने 9 सौ 28 रु. तथा पुनीता देवी ने 1 हजार 22 रु. होल्डिंग टैक्स जमा किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गुड गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस से होकर ही आता है। तकनीकों का अधिक-से-अधिक उपयोग कर जनता को पारदर्शिता के साथ सेवाएं दी जा सकती है। इसी कड़ी में नगर निगम, मधुबनी के द्वारा नागरिक सुविधाओं को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में अब ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स मॉड्यूल के माध्यम से टैक्स जमा करने की सुविधा शुरू की गयी है। जिससे नगर निगम क्षेत्र के लोगों को होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए निगम कार्यालय का चक्कर नही लगाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा की 36 हजार से अधिक होल्डर्स घर बैठे कंप्यूटर एवं मोबाइल के द्वारा कही से भी होल्डिंग टैक्स का भुगतान www.madhubanimunicipal.com पोर्टल के माध्यम से कर सकते है। जो होल्डर ससमय होल्डिंग टैक्स का भुगतान करेंगे उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा। साथ ही वैसे होल्डर जो होल्डिंग टैक्स का भुगतान लंबे समय से नही किया है, उन्हें चिन्हित कर जुर्माना भी लगाया जायेगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में नगर निगम के द्वारा नगर निगम क्षेत्र के सी.एस.सी. एवं वसुधा केंद्र के संचालकों तथा ऑनलाइन दुकान संचालकों के साथ बैठक कर वैसे होल्डर जो स्वयं होल्डिंग टैक्स का भुगतान करने में सक्षम नही है, उनका होल्डिंग टैक्स का भुगतान करने पर उन्हें भी प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए सीएससी एवं वसुधा केंद्र को होल्डिंग टैक्स के भुगतान के लिए सम्बद्ध भी किया जायेगा। विदित हो कि इसका लाभ नगर निगम क्षेत्र के बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी मिलेगा जो ऑनलाइन भुगतान मॉड्यूल शुरू होने के साथ ही घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के द्वारा टैक्स जमा कर सकते है। टैक्स जमा करने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होने के साथ अधिक पारदर्शी भी होगी। लोगों को होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय आना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें