- शंकराचार्य ने विवाह संबंधी धार्मिक परंपराओं पर किया स्पष्टीकरण
पाटिल के अनुसार, शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि परिवार में माता या पिता के निधन के बाद धर्मशास्त्रों के अनुसार निर्धारित सभी धार्मिक विधि-विधान और संस्कार विधिवत संपन्न किए जाने चाहिए, लेकिन ऐसी कोई धार्मिक अनिवार्यता नहीं है कि विवाह एक वर्ष के भीतर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या गलतफहमी रखने का कोई कारण नहीं है। पाटिल ने बताया कि सांसद पार्थ अजित पवार का विवाह 27 फरवरी, 2027 को बारामती में संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले 29 जुलाई, 2026 को सगाई का समारोह अत्यंत सादगीपूर्ण और पारिवारिक वातावरण में आयोजित किया जाएगा, जिसमें केवल निकट संबंधी और आमंत्रित अतिथि ही शामिल होंगे। पाटिल ने यह बताया कि पार्थ पवार की होने वाली पत्नी ‘कायनात दारा’ मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली हैं और वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मीडिया के कुछ वर्गों में उनके नाम और जन्मस्थान को लेकर गलत एवं भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई है। तथ्यों को स्पष्ट करने और किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से यह आधिकारिक जानकारी जारी की गई है।

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