सबसे योग्य, दूरदर्शी, विलक्षण बुद्धिजीवी, जन-जन के नेता और हर दृष्टि से सबसे अधिक लोकप्रिय, प्रशंसित एवं चर्चित व्यक्तित्व प्रशांत किशोर ने आखिरकार चुनावी मैदान में उतरकर बिहार की राजनीति ही नहीं, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच एक नई हलचल पैदा कर दी है।
एक 'बिहारी बाबू' होने के नाते मुझे यह राजनीतिक घटनाक्रम बेहद रोचक और निश्चित रूप से विस्फोटक प्रतीत होता है।
आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है—सबकी एकता। आशा, इच्छा और प्रार्थना है कि आम जनता, विशेषकर युवा पीढ़ी, जाति, धर्म और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर उनका समर्थन करे।
जय बिहार! जय हिंद!

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