सीहोर : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम दिया 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 17 अगस्त 2026

सीहोर : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम दिया 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

Anganwadi-sehore
सीहोर। महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार को विरोध रैली निकाल जोरदार नारेबाजी की और  कलेक्ट्रेट पहुंच 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को दिया। अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ जिला अध्यक्ष ऊषा राठौर ने  कार्यकर्ताओं और सहायिकाओ का नेतृत्व किया। ज्ञापन का वाचन भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी विनीत दुबे के द्वारा किया गया। जिला अध्यक्ष उषा राठौर ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाये पिछले 50 वर्षों से शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलीभूत कर रही है आम नागरिकों के जन्म से लेकर मृत्यु तक की सभी योजनाएं बिना हमारे सहयोग के पूर्ण नहीं होती है जन्म पंजीयन से लेकर सभी लाभकारी योजनाओं को हमारे माध्यम से ही पूर्ण कराया जा रहा किसी भी विभाग का कार्य बिना कार्यकर्ता और सहायिकाओं सहयोग के पूर्ण नहीं होता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका जनगणना, जनसुनवाई, लाडली बहना योजना, मतदाता पंजीकरण, बी.एल.ओ, फामलेरिसा, मलेरिया, मच्छरदानी वितरण, शौचालय सर्व, जैसे कार्य करती हैं और एनजीओ भी सहयोग लेते हैं। 


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के द्वारा लंबे समय से सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाने,कार्यकर्ता को न्यूनतम रु. 30]000/- प्रतिमाह तथा सहायिका को 20,000/-प्रतिमाह वेतन मानदेय दिया जाने, महंगाई भत्ता (का) पेंशन, चिकित्सा सुविधा सहित सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाने, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता एवं सहायिका को रु. 10 लाख की एकमुश्त राशि दी जाने,ESIC, EPF एवं ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं लागू की जाने,2 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों का आंगनबाडी केन्द्रो में बैठने की अनुमति प्रदान की जाने,आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के अलावा दूसरे विभागों में कार्य न कराया जाने, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाने,कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को मातृत्व अवकाश एवं अन्य आवश्यक अवकाश का लाभ दिया जाने, कार्यकर्ता को बिना परीक्षा के वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाने और प्री-प्राईमरी नर्सरी शिक्षिका का दर्जा दिया जाने,आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए पर्याप्त भवन पोषण सामग्री उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाने,आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं के उपर अनावश्यक दबाव बनाकर शोषण न किए जाने की मांग की जा रही है। ज्ञापन देते समय राज्य एवं कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह,अनिल शर्मा, विनीत दुबे, गोपाल सिंह ठाकुर, कुंदन राय, सचिन रजनी विश्वकर्मा, तबस्सुम जहां, देवेंद्र आर्य, दीपमाला, गिरिजा मौर्य पदमा सोनी, रचना अहिसा दिमान, मंजू त्यागी, मीणा, रामकली हेमलता, डाली, सपना, पूजा आदि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका शामिल रही।

कोई टिप्पणी नहीं: