रानी मुखर्जी – ‘मर्दानी’
सीनियर इंस्पेक्टर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में रानी मुखर्जी ने निडर क्राइम ब्रांच अधिकारी की भूमिका को नई पहचान दी। बच्चों की तस्करी के खिलाफ उनकी लड़ाई ने किरदार को बेहद प्रभावशाली बनाया। “शिवानी रॉय की सख्ती में एक मां का जज़्बा और पुलिस अधिकारी का साहस नजर आया।”
अदा शर्मा – ‘कमांडो’ और ‘बस्तर’
‘कमांडो’ में इंस्पेक्टर भावना रेड्डी के रूप में उनका बेबाक और एक्शन से भरपूर अंदाज दर्शकों को पसंद आया। वहीं ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ में IPS नीरजा माधवन के रूप में उन्होंने गंभीर और ग्रिट्टी अवतार दिखाया। “एक ही अभिनेत्री ने पुलिस किरदार के दो बिल्कुल अलग रंग दिखाए।”
सान्या मल्होत्रा – ‘कठल’
महिमा बसोर के रूप में सान्या ने पुलिस भूमिका को हास्य और व्यंग्य के साथ पेश किया। कटहल चोरी की असामान्य जांच के जरिए उनका किरदार व्यवस्था और राजनीति पर भी सवाल उठाता है।
तब्बू – ‘दृश्यम’
आईजी मीरा देशमुख के किरदार में तब्बू ने बिना ज्यादा एक्शन के सिर्फ अपने व्यक्तित्व और नियंत्रित तीव्रता से गहरी छाप छोड़ी। “उनकी खामोशी भी पूछताछ जैसी असरदार लगी।”
प्रियंका चोपड़ा – ‘जय गंगाजल’
एसपी आभा माथुर के रूप में प्रियंका ने भ्रष्टाचार और अपराध से जूझती एक दृढ़ अधिकारी की भूमिका निभाई। वहीं ‘डॉन’ फ्रेंचाइज़ी में रोमा के रूप में उनका अंदाज ज्यादा एक्शन-ओरिएंटेड रहा।
इन अभिनेत्रियों ने साबित किया कि खाकी सिर्फ वर्दी नहीं, किरदार की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक भी हो सकती है।

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