- सोनी मैक्स ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ मिलकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर शुरू की खास पहल
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, 2014:
“हर घंटे 11 बच्चों का अपहरण किया जाता है और उन्हें गलत कामों में धकेला जाता है। हर लापता बच्चा किसी का बेटा या बेटी है। इसलिए किसी भी बच्चे के लापता होने की खबर को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि हर मिनट जरूरी होता है। पुलिस की भूमिका बहुत अहम् है, लेकिन बच्चों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि हम ज्यादा जागरूक रहें, बच्चों को समझें और समय पर कदम उठाएँ, तो मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर बच्चा सुरक्षित माहौल में आजादी और सम्मान के साथ बड़ा हो। मुझे खुशी है कि सोनी मैक्स बच्चों की सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने में मदद कर रहा है।” देविका प्रभु, बिजनेस हेड- हिंदी मूवीज, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया: “सोनी मैक्स में हमारा मानना है कि मनोरंजन लोगों को खुश करने के साथ-साथ जरूरी मुद्दों पर बात शुरू करने और अच्छा बदलाव लाने का जरिया भी बन सकता है। मर्दानी 3 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ हम फिल्म की कहानी से जुड़ी इस बात को लोगों तक और आगे ले जाना चाहते थे। बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए कैलाश सत्यार्थी ने पूरी जिंदगी काम किया है और दुनियाभर के लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उनके साथ जुड़ना हमारी इसी सोच का हिस्सा है। इस पहल के जरिए हम परिवारों और समाज से सतर्क रहने और मिलकर यह कोशिश करने की अपील करना चाहते हैं कि हर बच्चा सुरक्षित रहे।”
करीब पाँच दशकों से कैलाश सत्यार्थी बच्चों को तस्करी, बाल मजदूरी और शोषण से बचाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने हर बच्चे के सुरक्षित और सम्मान के साथ बचपन के अधिकार के लिए लगातार आवाज उठाई है और दुनिया भर में बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले प्रमुख लोगों में अपनी जगह बनाई है। यह पहल मर्दानी 3 की कहानी से भी जुड़ी है। फिल्म बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों और उन्हें बचाने की जरूरत को सामने लाती है। रानी मुखर्जी की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में शिवानी शिवाजी रॉय की वापसी हो रही है, जो भारतीय सिनेमा की सबसे निडर पुलिस अधिकारियों में से एक हैं। जब कई छोटी लड़कियाँ अचानक लापता होने लगती हैं, तो उनकी तलाश से शुरू हुई जाँच धीरे-धीरे एक बड़े और डरावने खेल का पता लगाती है, जिसमें एक ताकतवर तस्करी नेटवर्क शामिल है। सच्चाई सामने लाने के लिए शिवानी के पास समय बहुत कम है। फिल्म हिम्मत, इंसाफ और मासूम बच्चों को बचाने की लड़ाई की कहानी है।

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