सीहोर । ग्राम लसुड़िया परिहार के तालाब को मत्स्य पालन के लिए आवंटन करने में धांधली करने की आरोप लगाए गए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर जय भीम आजीविका स्सहायता समूह की महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर किरण बड़बेले को शिकायत पत्र देकर पूरे मामले की जांच किए जाने की मांग की है। महिला स्व सहायता समूह अध्यक्ष मोहिनी ने बताया कि ग्राम लसुड़िया परिहार में स्थित शासकीय तालाब का मत्स्य पालन के लिए 10 वर्षीय पट्टा प्राप्त करने के लिए मत्स्य विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया हैं लेकिन प्रतिद्वंदी समिति के राजनीतिक दवाब में आकर दागी और 2017 में ही निरस्त हो चुकी समिति को पट्टा देने की आशंका है । गंभीर नियमों के उल्लंघन और जिला प्रशासन को गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे है। जबकि 'जय भीम आजीविका स्व सहायता समूह' में कुल 10 महिला सदस्य है, जिनमें से 9 सदस्य (90%) अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की स्थानीय ग्रामीण महिलाएँ हैं, जो पूरी तरह भूमिहीन हैं और आजीविका के लिए इसी तालाब पर निर्भर हैं। जबकि 'बंजारी आर.एन.के. मछुआ सहकारी समिति मर्यादित लसुड़िया परिहार' को संचालक मत्स्य उद्योग, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 01/04/2017 को ही निरस्त करने का आदेश दिया जा चुका है। धन-बल के दम पर इस सच को छुपाकर दोबारा सरकारी संपत्ति हथियाने का प्रयास कर रही है।
मंगलवार, 4 अगस्त 2026
सीहोर : महिलाओं ने लगाया मत्स्य पालन तालाब आवंटन में धांधली करने का आरोप
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