वाराणसी : गंगा की चढ़ान से सहमी काशी : छूने को बेताब खतरे की रेखा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 8 अगस्त 2026

वाराणसी : गंगा की चढ़ान से सहमी काशी : छूने को बेताब खतरे की रेखा

  • राजघाट से वरुणा तट तक निचले इलाके जलमग्न, नावों पर सिमटी जिंदगी
  • 71.262 मीटर खतरा स्तर के आसपास हालात गंभीर, घाट डूबे, गलियों में पानी
  • प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, राहत टीमें तैनात

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वाराणसी (सुरेश गांधी). काशी में गंगा का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है और निचले इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजघाट जलमापी केंद्र के अनुसार चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरा स्तर 71.262 मीटर है। पिछले दिनों नदी खतरा निशान से ऊपर बह चुकी है और अब भी प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। राजघाट पर शुक्रवार सुबह से लोग जलस्तर देखने पहुंचते रहे। घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं और कई जगह सुरक्षा बैरिकेड आधे जलमग्न हैं। नाविकों का कहना है कि धारा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तेज है। दशाश्वमेध घाट पर शाम की आरती अब ऊपर बने सुरक्षित मंचों से कराई जा रही है। श्रद्धालुओं को निचले हिस्से में जाने से रोका गया है। सामान्य दिनों में भीड़ से भरा रहने वाला यह घाट अब सीमित गतिविधियों के साथ संचालित हो रहा है। सबसे अधिक असर नागवा, नक्खीघाट, सरैया और वरुणा किनारे के मोहल्लों में देखा गया। कई गलियों में घुटने तक पानी भर गया है। लोग घरों का सामान ऊंचाई पर रख रहे हैं और कई परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। जहां सड़कें बंद हो गई हैं, वहां नावें जीवनरेखा बन गई हैं। राजघाट से आदिकेशव घाट तक नावों से दूध, दवा और राशन पहुंचाया जा रहा है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय नाविक प्रशासन की मदद कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। बाढ़ का असर घाटों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। फूल, पूजन सामग्री और चाय बेचने वाले छोटे दुकानदारों की बिक्री घट गई है। सामान्य नाव सवारी बंद होने से नाविकों की आमदनी प्रभावित हुई है। शहर से सटे गंगा किनारे के गांवों में धान और सब्जियों की फसल पानी में डूबने लगी है। किसान नाव से खेतों तक पहुंच रहे हैं और नुकसान की आशंका बढ़ गई है।


स्वास्थ्य विभाग अलर्ट  

स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। प्रभावित इलाकों में क्लोरीन टैबलेट और ओआरएस वितरित किए जा रहे हैं। कई हैंडपंप पानी में डूबने से पेयजल की समस्या भी सामने आ रही है।


राहत चौकियां सक्रिय

जिला प्रशासन का कहना है कि राहत चौकियां सक्रिय हैं, नावों की व्यवस्था बढ़ाई गई है और संवेदनशील मोहल्लों की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोग रात में अतिरिक्त नाव और गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।


ताजा स्थिति

स्थान: राजघाट, वाराणसी

स्थिति: जलस्तर ऊंचा, निचले घाट जलमग्न

चेतावनी स्तर: 70.262 मीटर

खतरा स्तर: 71.262 मीटर

प्रभावित क्षेत्र: नागवा, नक्खीघाट, सरैया, वरुणा तटवर्ती मोहल्ले

राहत कार्य: नावों से निकासी, राहत शिविर सक्रिय, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ तैनात

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